कांटा इंचार्ज को हटाने के बाद शुरू हो पाई गन्ने की तौल, एक दिन पहले ही आया था कांटा इंचार्ज
सिकंद्राबाद (लखीमपुर खीरी)। कुंभी चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र भूपतिपुर पर बैलगाड़ी की तौल में दो क्विंटल से अधिक घटतौली पकड़ी गई, जिससे नाराज किसानों ने हंगामा काटते हुए तौल बंद करा दी। मामले की सूचना पाकर मिल के अधिकारी और ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक कुंभी मौके पर जांच करने पहुंचे, तो 2.40 क्विंटल घटतौली की पुष्टि हुई। इसके बाद किसानों ने कांटा इंचार्ज (तौल लिपिक) सोनपाल यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिस पर ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक ने सोनपाल को हटाकर मिल गेट से दूसरे कांटा इंचार्ज को बुलाया। तब जाकर किसान शांत हुए और तौल दोबारा शुरू कराई गई।
ढखिया मदन निवासी किसान जयदेवी की पर्ची पर तौल कराने बैलगाड़ी से गन्ना लेकर उनके पति गन्ना क्रय केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने इससे पहले धर्मकांटे पर तौल कराई, जहां पर 37.20 क्विंटल वजन आया। जब क्रय केंद्र पर बैलगाड़ी तौली गई, तो कांटा इंचार्ज सोनपाल यादव ने भी वजन 37.20 क्विंटल बताया लेकिन अपने रजिस्टर पर 34.80 क्विंटल दर्ज किया। यह देख किसान भड़क गए। किसानों ने हंगामा करते हुए घटतौली समेत कई आरोप लगाए और तौल बंद करा दी। सूचना पाकर कुंभी चीनी मिल के अधिकारी बीके धामा और डिप्टी केन मैनेजर लोकेश राणा मौके पर पहुंचे और तौल शुरू कराने का प्रयास किया। किसान नहीं माने और मिल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद कुंभी के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अमित पांडेय मौके पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने बैलगाड़ी की तौल कराई और कांटे की जांच की, तो वजन 37.20 क्विंटल आया। इसके बाद उन्होंने मिल प्रबंधक को पत्र लिखकर कांटा इंचार्ज को तत्काल हटाने एवं उसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद कांटा इंचार्ज सोनपाल यादव को हटाकर मिल गेट से धीरेंद्र सिंह को भेजा गया। तब जाकर किसान शांत हुए और तौल पुन: शुरू कराई गई।
रजिस्टर पर पकड़ी ओवरराइटिंग
घटतौली की जांच में कांटा सही पाया, जबकि कांटा इंचार्ज ने कांटे में गड़बड़ी की बात कही थी। इसके बाद घटतौली की जांच में पाया कि कांटा इंचार्ज रजिस्टर पर वजन कम करके लिखता था। पहले उसने जयदेवी की तौल में 34.80 क्विंटल लिखी थी, जिसके बाद ओवरराइटिंग करके 35.00 कर दिया था। जबकि बैलगाड़ी का सही वजन 37.20 क्विंटल निकला है। इससे कांटा इंचार्ज ने 2.40 क्विंटल गन्ने की हेराफेरी का प्रयास किया था। मिल प्रबंधन को कांटा इंचार्ज सोनपाल यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
-अमित पांडेय, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक