मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद पकड़ा गया फर्जी सट्टा
ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक ने बंद कराया सट्टा, भुगतान पर लगाई रोक
लखीमपुर खीरी। गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने के लिए फूलप्रूफ व्यवस्था का दावा करने वाले गन्ना विभाग की कलई खुल गई है। ऐरा चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले एक गन्ना माफिया का फर्जी सट्टा पकड़ा गया है। करीब 10 बीघा खेत होने के बावजूद खतौनी में हेरफेर करके कागजों में रकबा बढ़ाकर सट्टे में 151 पर्चियां बनाई गई हैं। ई-गन्ना एप लांच होने के बाद ऐसे मामलों के पकड़े जाने की संभावना बनी है, जिसकी मदद से शिकायतकर्ता ने फर्जी सट्टा को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर दी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक घनश्याम सिंह ने सट्टा संचालन पर रोक लगाई है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायतकर्ता अमर सिंह ने बताया है कि ऐरा मिल क्षेत्र के गांव करौंहा निवासी किसान तारादेवी के नाम करीब 10 बीघा जमीन है, जबकि सट्टा पर 3.77 हेक्टेअर जमीन दर्शाई गई है। इसी आधार पर किसान का बेसिक कोटा 3519 क्विंटल और पर्चियां 151 बनाई गई हैं। तारादेवी के नाम पर कूटरचित अभिलेखों के आधार पर फर्जी सट्टा तैयार कराया गया, जिसकी भनक सर्वे करने वाले गन्ना समिति के अधिकारियों/कर्मचारियों को भी नहीं हुई। शिकायत पर जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश पटेल ने मामले की जांच ऐरा के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक घनश्याम सिंह को सौंपी। गन्ना निरीक्षक ने जांच में आरोप सही पाए, जिस पर उन्होंने गन्ना समिति के सचिव को सट्टा बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही आरोपी किसान के भुगतान पर रोक लगाने के लिए चीनी मिल अधिकारियों को निर्देश दिए हैैं।
महिला किसान का बेटा गन्ना क्रय केंद्र पर ट्रांसपोर्टर
शासन-प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था में छेद करने वाले इस प्रकरण में पता चला है कि तारादेवी का बेटा गन्ना क्रय केंद्रों से मिल तक गन्ना ढुलाई का काम करता है। इससे उसकी चीनी मिल के अधिकारियों से अच्छी साठगांठ है। सूत्र बताते हैं कि इन्हीं संबंधों का फायदा उठाते हुए उसने कूटरचित अभिलेखों के आधार पर फर्जी सट्टा बनवा लिया होगा। हालांकि गन्ना सर्वे करने वाले कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर ही किसान के गन्ने का एरिया निर्धारित किया जाता है।
प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। आरोपों की पुष्टि होने पर सट्टा बंद कर दिया गया है। जांच आख्या प्राप्त होते ही आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी