फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहब! यहां तो जिंदगी दाव पर लगाकर मजदूर कर रहे काम

विज्ञापन
विज्ञापन
शुगर इंडस्ट्रीज (क्रशर) पर मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं, न श्रम विभाग में विभाग पंजीकरण, न उपचार की व्यवस्था
विज्ञापन

निघासन की शुगर इंडस्ट्रीज में मजदूर की मौत का मामला
लखीमपुर खीरी/ निघासन। शुगर इंडस्ट्रीज (क्रशर) में मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अधिकतर मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीकरण भी नहीं कराया गया, यहां तक कि चोट लगने पर प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था नहीं है। मजदूर जान जोखिम में डालकर मजदूरी करने को मजबूर हैं। जिले में एक हफ्ते में शुगर इंडस्ट्रीज (क्रशर) और चीनी मिल में तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी जिला प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन ने इन घटनाओं से सबक नहीं लिया। इसी के चलते बुधवार को भी निघासन में तिरुपति बाला जी शुगर इंडस्ट्रीज (क्रशर) में एक मजदूर की काम के दौरान मौत हो गई।
जिले में 18 खांडसारी इकाई (क्रशर) हैैं। अधिकतर क्रशर पर मजदूरों की सप्लाई ठेकेदार के जरिए होती है। एक क्रशर पर करीब पांच सौ से अधिक मजदूर कार्य करते हैं। इनमें से तमाम मजदूरों का श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया जाता। इससे उनको हादसा होने पर सरकारी लाभ भी नहीं मिल पाता। जानकार बताते हैं कि क्रशर में आरबीसी मशीन को लोहे की चादर से ढका होना चाहिए। उस पर कार्य करने वाले मजदूर के हाथ में दस्ताने, मजबूत कपड़े, लांग बूट, सिर के लिए हेलमट व लंबी सरिया में कांटानुमा कुंडा आदि होना अनिवार्य है। इसके अलावा काम के अनुसार उन्हें सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने चाहिए। यह अलग बात है कि यहां क्रशर पर काम करने वाले मजदूरों के पास कोई भी सुरक्षा कवच नहीं है, जिससे आए दिन मजदूर चोटिल होते हैं। चार दिन पहले थाना ईसानगर स्थित बजरंग बली इंडस्ट्रीज में जूस टैंक में गिरने से चार मजदूरों की हालत बिगड़ गई थी, जिसमें बदायूं निवासी फैयाज की मौत हो गई थी। बुधवार को बजाज चीनी मिल के वॉटर कूलिंग स्प्रे पौंड में गिरकर युवक की मौत हो गई थी। इन दोनों घटनाओं के बाद भी प्रशासन व जिम्मेदार महकमा लापरवाह रहा। यदि इन घटनाओं को लेकर महकमा गंभीर होता तो शायद निघासन की टांडा स्थित तिरुपति शुगर इंडस्ट्रीज में हादसा टल सकता था। गांव घोसियाना निवासी मोनू के परिवार वाले उसकी मौत के लिए जिम्मेदार मालिक को ही मान रहे हैं। मृतक युवक के पिता इकबाल का कहना है कि यहां पर मजदूर मरे या जिये मालिक को कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन


परिवार वालों का रोरोकर बुरा हाल
इकबाल ने बताया कि उनके चार बेटों में मोनू दूसरे नंबर का था। जमीन आदि न होने से परिवार के सभी लोग अन्य जगह मजदूरी करते थे। मोनू क्रशर पर काम करता था। उसकी मौत से मोनू की मां शहजहां, भाई शहंशाह, शानू और राजू का रोरोकर बुरा हाल है।

बाल मजदूर भी कर रहे काम
क्रशर पर बाल मजदूर भी काम करते हैं। पंजीकरण न होने से इनकी जानकारी भी नहीं हो पाती।

आठ के बदले 12 घंटे से अधिक लिया जाता है काम
क्रशर पर काम करने वाले मजदूरों का शोषण किया जाता है। काम करने वाले मजदूरों सुरेश, मनीष, सोहन आदि ने बताया कि यहां पर लिखा पढ़ी में आठ घंटे काम कराने का प्रावधान है, लेकिन मालिक और ठेकेदार मजदूरों से 12 घंटे से अधिक काम करवाते हैं।

कम दी जाती है मजदूरी
मजदूरों को काम न मिलने का फायदा क्रशर मालिकान उठाते हैं। 12 घंटे काम करने के बदले वह उनको महीने में तीन से चार हजार रुपये तक ही मेहनताना देते हैं। मजदूर भी मजबूरी वश कार्य करता हैं।

ठंड से भी बचने के नहीं हैं उपाय
क्रशर पर ठंड से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। अलाव तक की व्यवस्था तक नहीं की गई है।

हादसे को दावत दे रहे गन्ना भरे वाहन
क्रशर में तौल कराने के लिए वाहनों के खड़े होने की कोई व्यवस्था नहीं है। गन्नें से भरे सारे वाहन सड़क पर खड़े रहते हैं, ऐसे में दुर्घटनाओं के कई मामले सामने आ चुके हैं।

कागजों पर हो रही खानापूूर्ति
पर्यावरण, फूड आदि विभाग केवल क्रशर पर आकर खानापूर्ति कर कागजों का पेट भरकर चले जाते हैं। मजदूरों के प्रति कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जाता।

‘यहां मजदूर की कोई अहमियत नहीं’
मजदूर और किसान नेता नरेंद्र सिंह भदौरिया कहते हैं कि खांडसारी उद्योग वालों के लिए गरीब मजदूरों की कोई कीमत नहीं हैं। सरकार और उसके नुमाइंदे भी गरीबों के लिए कानून तो बनाते हैं, लेकिन उसका पालन कड़ाई से नहीं कराते। यदि ऐसे ही चलता रहा तो मजदूर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

क्रशर में कोई लापरवाही नहीं हुई है। हादसा किसी के भी साथ हो सकता है। मृतक युवक के परिवार वालों के प्रति पूरी सहानुभूति है। जो सहयोग बन पड़ेगा किया जाएगा। सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

-प्रतीक अग्रवाल, क्रशर मालिक, निघासन

मुझे दोपहर में हादसे की सूचना मिली। जिसके बाद तुरंत ही क्षेत्रीय खांडसारी निरीक्षक जितेंद्र पाल को मौके पर जांच के लिए भेजा है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों के साथ ही किसानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश लाइसेंस शर्तों के साथ ही दिए जाते हैं।
-सीएम उपाध्याय, खांडसारी अधिकारी लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें