मैगलगंज (लखीमपुर खीरी)। सीतापुर से बरेली नेशनल हाईवे 24 पर मैगलगंज से जहानीखेड़ा के बीच सड़क जर्जर हो गई है और जहां जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों में बारिश का पानी घुसने से सड़क नीचे से खोखली होकर सुरंग में तब्दील हो चुकी है। जिससे आए-दिन सड़क पर हादसे होते हैं और वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। इसी वजह से बरेली और दिल्ली से माल भी वापस नहीं आ पा रहा है। ट्रांसपोर्ट वाले भी अधिक भाड़ा वसूल कर रहे हैं। परंतु एनएचएआई द्वारा मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
नेशनल हाईवे एनएच 24 पर लखनऊ से दिल्ली तक फोरलेन (चौड़ीकरण) का कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। लखनऊ से सीतापुर तक काम पूरा हो चुका है लेकिन सीतापुर से बरेली तक 160 किमी सड़क के चौड़ीकरण का कार्य कई वर्षों से अटका हुआ है। एक कार्यदायी संस्था को भ्रष्टाचार के आरोप में ब्लैक लिस्ट करने के बाद आगरा के राज कंस्ट्रक्शन को चौड़ीकरण कराने का काम दिया गया है। जिसमें 160 किमी मार्ग के चौड़ीकरण पर 700 करोड़ की लागत आएगी। टेंडर प्रक्रिया हुए करीब दो माह बीत चुके हैं लेकिन कंपनी ने अब तक काम शुरू नहीं किया है।
इसके अलावा जहानीखेड़ा से पिहानी मोड़ के ठीक सामने सड़क में सुरंग की तरह होल बन गया, जिससे रोड को बंद करके रूट डायवर्ट किया गया है। साथ ही गोमती पुल के पास शाहजहांपुर रोड पर आधी सड़क धंस गई है, जबकि पुल से 60 मीटर पहले सड़क का किनारा धंस गया है। हाईवे पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन गुजरते हैैं। इससे किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। एनएचएआई ने पिछले वर्ष मरम्मत के नाम पर साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन राहगीरों के लिए खतरा कम नहीं हुआ है।
बाहर से सामान लाने में काफी दिक्कत हो रही हैं। खराब सड़क की वजह से ट्रांसपोर्ट वाले गाड़ी भेजने को तैयार नहीं होते। यदि गाड़ी मिलती भी है, तो ज्यादा भाड़ा चुकाना पड़ रहा है।
-ललित गुप्ता, किराना व्यापारी
सड़क खराब होने के कारण गाड़ियों को आने-जाने में अधिक समय लगता है। जर्जर सड़क होने की वजह से दुर्घटना का खतरा हर समय बना रहता है।
गौरव शुक्ला, मौरंग व्यापारी
निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कंपनी ने शाहजहांपुर में प्लांट लगाया है। फरवरी में काम शुरू हो जाएगा। कंपनी को 15 महीने में काम पूरा करना है।
-आकांश दीक्षित, एई, एनएचएआई