नेपाल के रास्ते गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंचे तिब्बती नागरिक
सुनौली बॉर्डर से प्रवेश करने को कहकर लौटाया गया
पलियाकलां। भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर पर नेपाल की तरफ से आए तिब्बत के कुछ नागरिक पहुंच गए। वह गौरीफंटा बॉर्डर से भारत जाना चाह रहे थे। लेकिन एसएसबी के जवानों ने उनको रोककर आला अधिकारियों को सूचना दी। जिस पर तिब्बत के नागरिकों के लिए केवल सुनौली बॉर्डर से आवाजाही की बात कहकर उनको लौटा दिया गया।
भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय गौरीफंटा सीमा से केवल नेपाली नागरिकों की आवाजाही के लिए छूट दी गई है। अन्य देशों के नागरिक अन्य इलाकों से सटी सीमाओं से भारत में प्रवेश करते हैं। मंगलवार को तिब्बत के नागरिक तासी तेत्सों, कुनसंग, डेन्गा ग्याम्तसो, सिरिग यारफेन, कुनसंग दोरजी, चैकीनेमा, तंजीन नामजे आदि नेपाल के रास्ते से गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंच गए। जिस पर एसएसबी जवानों ने उनको बॉर्डर पर ही रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में उन्होंने भारत भ्रमण की बात कही। जिस पर एसएसबी ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी तिब्बती नागरिकों को वापस नेपाल भेज दिया गया है। साथ ही उनको सुनौली बॉर्डर से भारत में प्रवेश करने की राय दी गई है। इसपर सभी वापस अपने देश रवाना हो गए। मामले में 39वीं वाहिनी एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह ने बताया कि गोरखपुर स्थित सुनौली बॉर्डर से ही तिब्बती नागरिक आवाजाही कर सकते हैं इसीलिए इन सभी तिब्बती नागरिकों को वहां से ही जाने की सलाह देकर लौटा दिया गया।