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लावारिस पशुओं ने किया लोगों को परेशान, छोटी काशी में विचरण करते हैं लावारिस पशु
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गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। चाहें गली हो या मोहल्ला लावारिस पशु लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। कई बार जानवर रास्ता जाम कर देते है तो कही बार लोगों को चोटिल कर जाते हैं। कई लोगों की इस वजह से जानें भी जा चुकी है लेकिन इसको लेकर जिम्मेदार नगर पालिका परिषद और प्रशासन लापरवाही बरते हुए है। लावारिस जानवरों की स्थिति का अमर उजाला ने जायजा लिया। पेश है एक रिपोर्ट :

स्थान: अस्पताल रोड
अस्पताल रोड पशुओं का अड्डा बन चुका है।
शहर के इस मार्ग पर लावारिस जानवरों का झुंड अक्सर घूमता रहता है। गुरुवार को एक पशु ने कुछ युवकों को दौड़ा लिया। इस तरह के हादसे यहां हर दिन होते है।

स्थान: खीरी रोड
इस मार्ग से ही रोडवेज, निजी बसों व टेंपो आदि का आना-जाना लगा रहता है। गुरु गोविंद सिंह चौराहे के आगे लावारिस पशुओं डेरा जमाए हुए हैं। अक्सर यहां पशुओं की लड़ाई में कई लोग जख्मी हो चुके हैं।
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स्थान: ओवर व्रिज हीरालाल धर्मशाला
लावारिस पशुओं को लेकर नगरपालिका व प्रशासनिक अफसर ध्यान नहीं दे रहे है। हीरालाल धर्मशाला चौराहा के पास गुरुवार को दो सांड़ आपस में भिड़ गए जिससे वहां भगदड़ मच गई।

स्थान: खीरी रोड
खीरी रोड पर लावारिस पशुओं से लोगों को जान बचाकर भागना पड़ता है। इसके बावजूद नगर पालिका कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

हाल ए गोला
नगर में भीड़भाड़, सार्वजनिक स्थलों, पौराणिक शिव मंदिरों, गोकर्ण तीर्थ परिसर, नीलकंठ मैदान, सीएचसी, रोडवेज, बाजारों, गली, मोहल्लों में लावारिस पशु कभी भी लोगों को चोटिल कर देते हैं।
गन्ना यार्ड, सब्जी मंडी आदि स्थानों पर झुंड में विचरण करते लावारिस पशु किसानों और राहगीरों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। पशु भगाने पर हमला कर देते हैं।
सदर चौराहे पर भले ही यातायात नियंत्रण में कोई पुलिसकर्मी न दिखता हो, लेकिन सांड़ जरूर दिखते हैं। कभी कभार बुल फाइटिंग का नजारा भी देखने को मिलता है।
सांड़ के हमलों में लोग गवां चुके हैं जान
गांव गिरधरपुर निवासी राजकिशोर (38), मौठीखेड़ा निवासी रामाधार (55), हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी दुलारे (65), दो वर्ष पूर्व वीरेंद्रनगर कालोनी निवासी श्रीधर मिश्र सांड़ के हमले में अपनी जान गवां चुके हैं, वहीं मोहल्ला पूर्वी दीक्षिताना निवासी सुभाष अग्रवाल, इमलिया निवासी तुलसीराम (60) भी सांड के हमले में घायल हो गए थे।
नगर में विचरण करते लावारिस पशुओं को पकड़वाया जा रहा है। जिनको मूड़ा सरकटा स्थित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में रखा जाएगा। जहां इस समय 104 पशु हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आए पशुओं के कारण शहर में लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ रही है।
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-राजेश बाजपेयी, प्रधान लिपिक नगर पालिका गोला।
मैलानी थाना क्षेत्र के गांव गिरधरपुर में सांड़ को ट्रंकुलाइज कर डाटपुर अस्थाई गोशाला भेजा गया है।साथ ही नए गोवंश आश्रय स्थल बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। बजट आते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
-अखिलेश यादव, एसडीएम गोला।
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