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पालिकाध्यक्ष के खिलाफ 17 सभासदों ने खोला मोर्चा

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गोला गोकर्णनाथ। नगर पालिका की चेयरमैन के खिलाफ असंतुष्ट सभासदों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को नाराज 17 सभासदों ने पालिका कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर चेयरमैन, लिपिक व लेखाकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अखिलेश यादव को सौंपकर जांच कराए जाने की मांग की। इस मौके पर सीओ आरके वर्मा, अधिशासी अधिकारी प्रदीप नारायण दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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पालिका सदस्यों ने यह लगाए आरोप
मिल डायवर्जन और मुक्तिधाम रोड तीन वर्ष के अंदर दो बार बनवाई गई जिसमें करोड़ों का व्यय हुआ, सोलर लाइट क्रय न करके करोड़ों रुपया निकाला गया, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में धांधली हुई जिसकी जांच एसडीएम कार्यालय में लंबित है, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़ादान, ठेलिया, होर्डिंग आदि में लाखों का वारा न्यारा किया गया, मेला चैती में वर्ष 2013 से वर्ष 2018 तक अनगिनत घोटाले किए गए। जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, नगर पालिका परिषद द्वारा पुरानों की मरम्मत कराकर नए शौचालय का निर्माण दिखाकर लाखों रुपए व्यय किए गए, स्वच्छ भारत मिशन के तहत सदर चौराहे के निकट 13 लाख 40 हजार रुपये से पिंक शौचालय बनवाया गया जिसकी जांच कराई जाए, नगर पालिका द्वारा टी गार्डों की खरीद में घोटाला, नगर पालिका परिषद द्वारा स्ट्रीट लाइट खरीद में गोलमाल किया गया जिसकी जांच कराई जाए।
पालिका सदस्यों ने 15 दिनों में जांच कराकर अवगत कराने की मांग की अन्यथा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।

यह पालिका सदस्य है लामबंद
नगर पालिका परिषद के पंकज गुप्ता, अचल अवस्थी, आशीष अवस्थी, रचना देवी, गुड़िया, विरेंद्र कुमार, ममता देवी, कृष्ण कुमार, फरहा नाज, संजय वर्मा, आनंद सोनी, हुस्ना, राजेश गुप्ता, मीरा उर्फ फातिमा, सौरभ तिवारी, हर्ष अवस्थी, जमाल अहमद राइन सहित 17 पालिका सदस्यों का गुट लामबंद है।
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तीन बोर्ड बैठकें हो चुकी हैं स्थगित
17 पालिका सदस्यों की नाराजगी के चलते नगर के विकास में वर्ष 2019 में 27 मई, 18 सितंबर और 11 नवंबर को होने वाली महत्वपूर्ण बोर्ड बैठकें अपरिहार्य कारण दिखाकर स्थगित हो चुकी हैं।

एक वर्ष से नगर का विकास प्रभावित
नगर पालिका परिषद की 15 नवंबर वर्ष 2018 की बैठक के बाद से वर्ष 2019 में एक भी बोर्ड बैठक नहीं हो सकी जिससे 14वें वित्त के अंतर्गत साढ़े तीन करोड़ के बजट से होने वाले नगर के विकास कार्य सहित जलापूर्ति, विद्युत, नाला नाली निर्माण, रोड पटरी सुंदरीकरण प्रभावित हैं।

पालिका सदस्य मांग चुके हैं जवाब च पालिका सदस्य इससे पहले 20 माह के कार्यकाल में बुलाई गई बैठकों का ब्यौरा, लगवाए गए ट्री गार्डों की संख्या, ट्री गार्डों पर व्यय एवं क्रय एजेंसी का ब्यौरा, लाइट, मरकरी पर नगर पालिका द्वारा किस फर्म द्वारा क्रय करना, कोटेशन, टेंडर की जानकारी सहित छह बिंदुओं पर जवाब मांगा गया था। पालिका सदस्यों ने पालिकाध्यक्ष पर उपेक्षा, जवाब न दिए जाने का आरोप भी लगाया था।

राजनीतिक गुटबाजी का शिकार तो नहीं
पालिकाध्यक्ष और पालिका सदस्यों के बीच चली आ रही खींचतान के चलते जहां एक ओर नगर का विकास प्रभावित है वहीं जिन बिंदुओं पर नाराजगी की बात सामने आ रही वह बिंदु भी बोर्ड बैठक का हिस्सा हैं। ऐसे में नगर में चर्चा का विषय बना है कि पालिकाध्यक्ष और 17 पालिका सदस्य कहीं नगर में चली आ रही राजनीतिक गुटबाजी का शिकार तो नहीं है।

नगर का विकास सर्वोपरि है। पालिका अध्यक्ष, ईओ और पालिका सदस्यों को चले आ रहे गतिरोध का समाधान निकालना चाहिए। पालिका सदस्यों ने जो आरोप लगाए हैं उसकी प्रति प्रमुख सचिव नगर विकास उप्र शासन को प्रेषित की जाएगी। सारे बिंदुओं की निष्पक्ष जांच होगी।
- अखिलेश यादव, एसडीएम गोला।

मुझे और पालिका सदस्यों को नगर के विकास के लिए जनता ने चुना है। जो आरोप लगाए हैं जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। जो जवाब मांगे गए थे वह सदस्यों को भेजा जा चुका है। यदि व्यक्तिगत नाराजगी है, तो पालिका सदस्यों को मुझसे स्पष्ट बात करनी चाहिए।
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-मीनाक्षी अग्रवाल नगर पालिका अध्यक्ष गोला
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