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दबंगों के कब्जे से खाली कराई गई भूमि कमिया का जरिया बनी

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बांकेगंज। चकबंदी के दौरान नलकूप विभाग के नाम से आरक्षित करीब 15 एकड़ भूमि दो साल पहले बमुश्किल तमाम अवैध कब्जे से खाली कराई जा सकी थी, लेकिन संबधित भूमि से दबंगों का कब्जा हटने के बाद अब यह जमीन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की कमाई का जरिया बन गई है। नलकूप कर्मचारियों ने इस जमीन को ठेके पर उठा दिया है, और इससे मिलने वाला पैसा निजी उपयोग में ले रहे हैं।
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सन 1962 में हुई चकबंदी के दौरान ब्लॉक मुख्यालय की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 और बांकेगंज कस्बे से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थिति बेचापुर गांव के निकट राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 1437,38 और 1457,58 रकबा करीब 15 एकड़ जमीन नलकूप विभाग के लिए आरक्षित की गई थी ताकि विभाग इस उपयोग फसलों की सिंचाई के लिए नाले बनवाने में कर सकें लेकिन विभाग के इसका उपयोग न किए जाने से दबंगों ने कब्जा कर लिया और उस पर खेती करने लगे। जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत डीएम से की तो उन्होंने राजस्व विभाग से मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिलने पर तत्कालीन एसडीएम गोला ने जमीन की पैमाइश कराने के बाद दबंगों के कब्जे से जमीन खाली करा ली और नलकूप विभाग को सौंप दी।
दबंगों के कब्जे से खाली कराई गई नलकूप विभाग की भूमि पर दोबारा खेती होते देख लोग हैरत में हैं। जब उन्होंने इस बावत पता लगाया तो मालूम हुआ कि इस जमीन को विभागीय लोगों ने ठेके पर दे रखा है। आरोप है कि इस जमीन से मिलने वाला पैसा विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मिल बांट कर हड़प रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों अनिल यादव, महेंद्र सिंह, संजय भार्गव,चंद्रभाल आदि ने इसकी शिकायत एसडीएम गोला से की है। उन्होंने मामले की जांच कराए जाने और दोषी लोगों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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ग्रामीणों की शिकायत मिली है। राजस्व कर्मियों की टीम से मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-अखिलेश यादव, एसडीएम, गोला गोकर्णनाथ।
मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
-अशोक कुमार, अधिशाषी अभियंता, (नलकूप), खीरी
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