लखीमपुर खीरी। नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित हो गया। इस बिल को लेकर प्रबुद्ध लोगों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। किसी ने इसे पूरी तरह से ठीक बताया तो कुछ ने कुछ कमियां बताते हुए असंवैधानिक करार दिया।
विपक्षी दल बिल को लेकर फैला रहे भ्रम
देश के लिए ये ऐतिहासिक कदम है। यह बिल देश के लिए हितकारी साबित होगा। विपक्षी बिल को लेकर भ्रम फैला रहे हैं।
-सुनील सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
बिल विभाजनकारी और असंवैधानिक
नागरिकता संशोधन बिल पूर्णत: विभाजनकारी और असंवैधानिक है। मैं इसका विरोध करता हूं। पार्टी मुखिया ने भी इसका विरोध किया है। - रामकुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष, बसपा
कमियों को दूर किया जाए
नागरिकता संशोधन बिल में कई कमियां हैं, जिन्हें समीक्षा कर दूर करना चाहिए।
-संजय गोस्वामी, शहर अध्यक्ष कांग्रेस
हम करेंगे मुखालफत
यह बिल मुल्क के खिलाफ है। इसकी हम मुखालफत करते हैं। ऊपर के लोग जो तय करेंगे वही किया जाएगा।
-मौलाना मोहम्मद इशहाक, पेश इमाम, जामा मस्जिद
बिल में आर्टिकल 14 का हुआ उल्लंघन
पार्टी और मैं इस बिल का विरोध करते हैं। क्योंकि बिल में आर्टिकल 14 का उल्लंघन किया गया है। असंवैधानिक बिल है।
-रियाजुल्लाह खां, जिलाध्यक्ष समाजवादी युवजन सभा
नागरिकता संशोधन बिल पर अन्य प्रतिक्रियाएं
विश्व के अनेक देशों में रहने वाले ऐसे नागरिकों के धार्मिक, सामाजिक व अन्य समानता प्रदर्शित करने संबंधित अधिकारों की सुरक्षा हो सकेगी। इस प्रकार के बिल लाने से देश मे विश्व बंधुत्व की भावना के सिद्धांत को बल मिल सकेगा।
-डॉ. सौरभ दीक्षित, अध्यक्ष, भारत विकास परिषद
बिल नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव करेगा और जिसके द्वारा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत आसपास के देशों से भारत में आने वाले हिंदू सिख, बौद्ध, जैन, पारसी धर्म के ऐसे लोगों को नागरिकता दी जाएगी, जो उन देशों में नारकीय जीवन जीने को विवश है।
-डॉ सुनील गुप्ता, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, केन ग्रोवर्स नेहरू महाविद्यालय गोला
नागरिकता संशोधन विधेयक का कानून के रूप में मान्य होना उन पड़ोसी देशों के वंचितों और शोषितों के प्रति न्याय होगा, जो यातनापूर्ण जीवन जी रहे हैं। भारत सदैव से बसुधैव कुटुंबकम सूक्ति का प्रतिपादन करते हुए सभी को आत्मसात करते हुए यह स्पष्ट करता है कि उन्हें भारतवर्ष से अंतरंग प्यार भी है और इस देश में शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की भावना अपनाकर जीवन जीने में विश्वास रखते हैं।
-अवधेश मिश्र, प्रधानाचार्य दयानंद बाल विद्या मंदिर, गोला।
जो शरण में आया है उसे आश्रय मिलना चाहिए। सभी से समानता का व्यवहार होना चाहिए वह चाहे किसी धर्म, जाति का हो।
-मजीत खान, समाजसेवी, गोला
कांग्रेसियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का किया विरोध
गोला गोकर्णनाथ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार (लल्लू भैया) के निर्देश पर नगर की ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के विरोध में विधेयक की प्रतियां जलाकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अखिलेश यादव को सौंपा।
निवर्तमान प्रदेश सचिव प्रह्लाद पटेल ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक हिंदुस्तान के भविष्य के लिए खतरनाक साबित होगा क्योंकि देश के संविधान पर भाजपा आरएसएस की नीतियां थोप रही है, जिसे देशवासी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे। इस दौरान निवर्तमान नगर अध्यक्ष सहजेेंद्र दीक्षित, निवर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमकुमार वर्मा, इमदाद रजा, रमेशचंद्र पटेल आदि मौजूद रहे।