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विवादों में बीत गया नगर पालिका के दो सालों का सफर

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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका को गुरुवार को दो साल पूरे हो जाएंगे। 12 दिसंबर 2017 को भाजपा की निरुपमा वाजपेई ने नगर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के साथ ही नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की शपथ ली थी। ऐसे में नगर के लोगों को विश्वास था कि अबकी बार नगर के हालत में बदलाव आएगा। मगर, इन दो सालों में न तो शहर के हालात बदले और न ही नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकीं। नालों से लेकर मोहल्लों तक की नालियां चोक हैं जिससे लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। दो साल पहले भी नगर की जनता जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, मच्छरों की बढ़ती संख्या, जलभराव, सिल्ट से भरे नाले-नालियां, पथ प्रकाश और सड़कों पर गोवंशों की भरमार, सड़कों पर अतिक्रमण, अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग से परेशान थी और आज भी यही हाल है।
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गंदगी पर न चढ़ सकी स्वच्छता की चादर
नगर को साफ रखने के लिए पालिका प्रशासन ने दावे किए। मगर, जमीनी स्तर पर कुछ काम नहीं दिखा। मोहल्लों से निकला कूड़ा डलावघर में डाला तो जाता परन्तु वहां से कूड़ा दोपहर बाद ही उठ पाता। जब तक लावारिस पशु उसे सड़क पर फैला देते हैं। इससे लोग कूड़े के ढेर से होकर निकलने को विवश हैं।
खुले नाले-नालियां बन रहे मुसीबत
नगर में छोटे बड़े नालो की संख्या करीब 55 है। जिसमें बड़े नालों की संख्या 10 से 12 हैं। पूरे साल यह नाले-नालियां गंदगी से लबालब रहते हैं। दो सालों में बारिश से पहले तली की झाड़ सफाई पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए गए जबकि नगर की साफ-सफाई पर लाखों रुपये पालिका के खजाने से खर्च होते रहते हैं।
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इन प्रकरणों को लेकर अध्यक्ष और सदस्य हुए आमने-सामने
बोर्ड की शपथ के बाद से कुछ मुद्दों को लेकर अध्यक्ष और सदस्यों के बीच शुरू हुई उठा पठक अभी तक थमी नहीं है। यहां दो साल में सिर्फ चार बोर्ड बैठकें हुई जबकि हर माह बैठक होना अनिवार्य है। शुरुआत में जहां मोहल्ला बरखेरवा, रामनगर के तालाब से कब्जा हटवाने और खादी ग्रामोद्योग को जलभराव मुक्त को लेकर मोहल्ला राजगढ़ सदस्य मनीषा माथुर के नेतृत्व में सदस्यों ने धरना दिया। वहीं उसके बाद दशहरा मेले में दुकानों के आवंटन, लाखों के कबाड़ को गुपचुप नीलाम कराने, ईओ अखिलेश त्रिपाठी की रिलीविंग एवं दूसरी पार्टी के सदस्य को मेलाध्यक्ष बनाने को लेकर अध्यक्ष और सदस्यों में विवाद होता रहा।
दो साल में हुई चार बैठक
पहली बैठक -छह जनवरी 2018, दूसरी बैठक - 10 मई 2018, तीसरी बैठक -आठ अक्तूबर 2018, चौथी बैठक -14 अगस्त 2019
अध्यक्ष ने गिनाई उपलब्धियां
दो साल में नगर को डलाव-घर से मुक्त करना, शहर में कूड़ादान लगवाना, नगर के पार्कों का सौंदर्यीकरण कराना, शौचालय एवं प्याऊ निर्माण
इन पर नहीं हुआ काम
नाले नालियों की सफाई, सड़कों से नहीं हटा अतिक्रमण, पार्किंग स्थल और टैक्सी स्टैंड भी नहीं बने, पटरी दुुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन का नहीं हुआ निर्माण

नगर के विकास को लेकर हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। सफाई व्यवस्था को और अच्छा करने के प्रयास जारी है। अब इसका परिणाम स्वच्छ सर्वेक्षण में देखने को मिलेगा।
-आरआर अंबेश, अधिशाषी अधिकारी

दो साल के कार्यकाल में जितने विकास कार्य कराए हैं उतने पहले कभी नहीं हुए। शहर को मॉडल बनाना प्राथमिकता है। शहर के लोगों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने का प्रयास जारी है।
-निरुपमा वाजपेई, अध्यक्ष नगर पालिका

डीएम साहब की तत्परता से गोशाला और कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि मिली है। निर्माण कार्यों के टेंडर कराने में नगर पालिका असफल रही। इससे शहर का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
-मनीषा माथुर, सदस्य मोहल्ला राजगढ़ एवं जिला योजना समिति

नगर की सफाई व्यवस्था बहुत बेहतर नहीं है। अतिक्रमण के कारण सड़कों से निकलना मुश्किल है और न तो पार्किंग स्थल बने और न ही पिंक शौचालय का निर्माण हुआ।
-स्वाति तिवारी गृहणी, निवासी सिविल लाइंस

नगर की सफाई व्यवस्था बेपटरी है। नालों से लेकर मोहल्ले की नालियां तक चोक हैं। इससे गलियों में गंदा पानी भर जाता है। पालिका के स्वच्छता के दावे सिर्फ कागजों में ही सीमित है।
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-शरद मेहरोत्रा इंदू, पूर्व सदस्य
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