लखीमपुर खीरी। चीनी मिलों में पेराई सत्र प्रारंभ हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसी मिल ने भुगतान नहीं किया है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। भुगतान न होने के पीछे सरकार द्वारा गन्ना समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित न होना कारण बताया जा रहा है। समर्थन मूल्य घोषित करने में हो रही देरी चीनी मिलों के लिए जैसे मन मांगी मुराद की तरह है। क्योंकि छह मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर ने अभी पिछले पेराई सत्र 2018-19 का छह अरब 30 करोड़ 66 लाख 14 हजार रुपये भुगतान नहीं किया है।
गन्ना एक्ट के मुताबिक किसानों से गन्ना खरीद की तिथि से 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने का नियम है। इसका पालन नहीं हो पा रहा है। गोला और खंभारखेड़ा मिल ने पांच नवंबर 2019, पलिया ने 13 नवंबर, ऐरा ने 29 नवंबर, अजबापुर ने छह नवंबर, कुंभी ने 14 नवंबर, गुलरिया ने 18 नवंबर, बेलरायां ने दो दिसंबर और संपूर्णानगर मिल ने 14 नवंबर 2019 को पेराई सत्र प्रारंभ किया था। अभी तक सभी मिलें किसानों से 164.07 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद कर चुकी हैं, जिसके एवज में किसानों का करोड़ों रुपये भुगतान चीनी मिलों पर बकाया हो चुका है। मिलों ने गन्ने की पेराई करके 15 लाख 77 हजार 855 क्विंटल चीनी उत्पादन कर लिया है। चीनी मिलों में उत्पादन का काम तेज गति से जारी है, लेकिन भुगतान की चिंता नहीं है। एक माह पहले गन्ना बेच चुके किसानों को भुगतान नहीं मिला है और अभी उम्मीद भी नहीं नजर आ रही। इसकी वजह है कि समर्थन मूल्य घोषित होने पर ही चीनी मिलें भुगतान करेंगी।
पिछले पेराई सत्र का मिलों पर बकाया (लाख में)
गोला 16151.67
पलिया 19136.84
खंभारखेड़ा 9726.88
ऐरा 10930.40
बेलरायां 4070.06
संपूर्णानगर 3050.29
एक अरब से अधिक ब्याज बकाया
गन्ना एक्ट के मुताबिक 14 दिनों में भुगतान न करने पर चीनी मिलों को बकाया गन्ना मूल्य के साथ ही ब्याज का भुगतान करना होता है। पिछले पेराई सत्र में समय से भुगतान न करने के चलते सभी नौ चीनी मिलों पर एक अरब 41 करोड़ 63 लाख 58 हजार रुपये ब्याज की देनदारी हो चुकी है। अभी तक किसी मिल ने किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं किया है।
प्रमुख सचिव गन्ना एवं चीनी उद्योग ने शनिवार को लखनऊ में मिल स्वामी और एमडी की बैठक बुलाई है। इसमें संभवत: नए गन्ना मूल्य और बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पर चर्चा की जाएगी। इसी बैैठक के बाद ही कोई रिजल्ट सामने आएगा।
ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी