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नहरों की सिल्ट सफाई में गड़बड़ी, कागजों में काम पूरा लेकिन जांच में मिला अधूरा

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लखीमपुर खीरी। रबी फसलों में निर्बाध सिंचाई के लिए नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य सिंचाई विभाग से कराया गया है। जिसके चलते सीडीओ अरविंद सिंह ने स्वयं और वीडीओ लखीमपुर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ और गोला की टीमें बनाकर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां निकलीं जैसे कहीं सिल्ट सफाई नहीं की गई तो कहीं पुलिया की सफाई नहीं कराई गई थी। ऐसे में सीडीओ ने पानी छोड़े जाने से ठीक एक दिन पहले ही निरीक्षण करके सभी ठेकेदारों और अधिकारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
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सिंचाई खंड प्रथम क्षेत्र की नहरों में एक से 25 नवंबर 2019 तक सिल्ट सफाई का काम पूरा कराया जाना था। इसके बाद 28 नवंबर 2019 से नहरों में पानी छोड़ा जाना था। इससे पहले 27 नवंबर को सीडीओ अरविंद सिंह ने कई टीमें बनाकर और स्वयं निरीक्षण करके सिल्ट सफाई की सच्चाई को जाना। अधारपुर माइनर में 4.340 किमी लंबाई में सिल्ट सफाई का कार्य कराया गया, जिसमें से तीन किमी में मिट्टी का कार्य और शेष में स्क्रेपिंग कराया गया। यहां कार्य पूर्ण मिला परंतु यहां मॉप पुस्तिका नहीं बनी थी। खीरी राजबहा में 23.98 किमी लंबाई में सिल्ट सफाई का कार्य कराया गया, जिसमें से 22.50 किमी में मिट्टी का कार्य और शेष में स्क्रेपिंग का कार्य कराया गया। यहां भी अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा ने काम पूर्ण बताया, जबकि चार किमी पर कार्य शेष मिला। दोनों ही स्थानों पर कुलाबों की स्थिति खराब मिली, जिस वजह से अंतिम टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। बड़ी नहर मेन ब्रांच में ग्राम बौंठा के पास कुलाबा दो भागों में टूटा पाया गया, जिससे खेतों में पानी पहुंचने में बाधाएं आ रही थीं। अधिशासी अभियंता ओपी वर्मा ने कुलाबे ठीक कराने के लिए ग्राम पंचायतों को जिम्मेदार बताया है। गोला क्षेत्र के शहाबुद्दीनपुर माइनर और बस्तौली राजबहा जहानपुर में भी पुलिया के नीचे सिल्ट जमी हुई पाई गई, जिसे साफ कराए बिना पानी का निर्बाध आवागमन नहीं हो सकता। ऐसे में सीडीओ ने प्राथमिकता के आधार पर सिल्ट साफ कराने के आदेश दिए।

ग्राम पंचायतों को भी दिए निर्देश
सीडीओ ने नहरों के कुलाबे, गूल के मरम्मत कार्य के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं। मनरेगा को मरम्मत कार्य कराने के साथ ही नहरों के दोनों साइड 400 मीटर दूरी में स्थित तालाबों में मई-जून में पानी भरने के लिए गूल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नहरों की पटरियों का जीर्णोद्धार कराने की भी बात कही गई है।
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शारदा और गिरजा बैराज का भी निरीक्षण किया
सीडीओ ने शारदानगर स्थित शारदा बैराज का निरीक्षण किया। जहां व्यवस्थाएं ठीक पाई गईं। इसी तरह जनपद बहराइच की भौगोलिक सीमा में घाघरा नदी पर निर्मित गिरजा बैराज का निरीक्षण भी किया क्योंकि दोनों बैराज से प्रदेश के 16 जनपदों मेें सिंचाई होती है।
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