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पीएम आवास की किस्तों का पैसा डकार गए सचिव और प्रधान

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लखीमपुुर खीरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के नाम भेजी गई धनराशि को बैंक से निकालकर हड़पने का मामला सामने आया है। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने मामले की जांच की, तो आवासों के निर्माण का कार्य अधूरा मिला। इनमें से एक लाभार्थी अपात्र भी मिला है। इस मामले में फर्जी तरीके से जीओ टैग की रिपोर्ट भेजने पर सचिव अमरदीप के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट सीडीओ को भेज दी गई है।
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गोला ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरैया विलियम में वर्ष 2019-20 में 10 आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक आवासों का निर्माण कार्य शुरू ही नही किया गया है। जबकि सभी 10 लाभार्थियों के बैंक खाते में दो किस्तों में 1.10-1.10 लाख रुपये डाले जा चुके है। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने गांव का दौरा कर आवासों के निर्माण की स्थलीय जांच की, तो सरकारी धनराशि को हड़पने के खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ। लाभार्थी कुलवंत कौर पत्नी (बलविंदर सिंह) के खाते में 1.10 लाख रुपये भेजे गए, जिसे निकाल भी लिया गया है लेकिन जांच करने पर अधिकारी को कच्चा घर ही मिला। दूसरी लाभार्थी संतोषा देवी पत्नी (आत्माराम) के खाते से 70 हजार रुपये, तीसरी लाभार्थी सुखदेवी पत्नी (राजेंद्र) के खाते से 60 हजार, चौथी लाभार्थी कमला देवी पत्नी (कमलेश) के खाते से अब तक 60 हजार रुपये निकाले जा चुके थे, लेकिन आवासों का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है। पीडी ने निर्माण कार्य शुरू न होने और धनराशि निकाले जाने के संबंध में लाभार्थियों से सवाल किए, तो लाभार्थियों ने बताया कि सचिव और प्रधान ने रुपये बैंक से निकलवाकर ले लिए थे और आवास बनाने के लिए ईंट, मौरंग, सीमेंट, सरिया दिलाने की बात कही थी लेकिन निर्माण सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई।
फर्जी तरीके से जीओ टैगिंग कर सिस्टम में लगाई सेंध
आवासों की धनराशि हड़पने के इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पहली किस्त का उपभोग करने के बाद दूसरी किस्त जारी की गई। इसके लिए जीओ टैगिंग करके नींव स्तर तक निर्माण की फोटो भी अपलोड की जाती है। पहली किस्त में 40 हजार रुपये और दूसरी किस्त में 70 हजार रुपये दिए जाते हैं। सचिव अमरदीप ने फर्जी तरीके से जीओ टैगिंग कर लाभार्थियों केे नाम दूसरी किस्त भी जारी करा दी। इसकी भनक उच्चाधिकारियों को भी नहीं लग सकी। इस मामले के बाद से अब अन्य ब्लॉकों/ग्राम पंचायतों में इस तरह के फर्जीवाड़े की आशंका प्रबल हुई है।
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एक लाभार्थी निकला अपात्र
सरैंया विलियम में चार अनारंभ आवासों में से एक लाभार्थी कमला देवी पत्नी (कमलेश) को अपात्र पाया गया। पीडी ने बताया कि कमला देवी का पहले से पक्का आवास बना हुआ है। इसलिए इसे निरस्त कर वसूली को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
लाभार्थियों के खाते में पैसा भेजा गया, लेकिन उसे निकालकर निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। जांच में सचिव अमरदीप की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। साथ ही एक सप्ताह में निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का समय दिया गया है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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-रामकृपाल चौधरी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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