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नदी की धार मोड़ने के लिए खोद डाला नाला

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ईसानगर। शारदा नदी की धार को मोड़ने के लिए सियापुर गांव के पास से खोदे जाने वाले नाले को लेकर ग्रामीण भड़क गए। कई गांवों के ग्रामीण मंगलवार को मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। ग्रामीणों ने नाला खोदने से कटान की आशंका को लेकर कृषि योग्य भूमि से नाला निकालने से मना कर दिया। मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने फिलहाल काम को रुकवा दिया है।
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ईसानगर क्षेत्र के करीब 24 से अधिक गांव हर साल शारदा नदी के कटान व बाढ़ से प्रभावित होते हैं। किसानों की फसल व सैकड़ों एकड़ कृषि योग भूमि नदी मे समा जाती है। शारदा नदी के उस पार सीतापुर जिले के गांवों को कटान से बचाने के लिये बाढ़ खंड साढ़े सात करोड़ की लागत की परियोजना से एक नाले की खुदाई कर नदी की धार मोड़ने की कोशिश कर रही है। इसको लेकर नदी के इस पार विकास खंड ईसानगर के सियापुर के पास से नाले का निर्माण होना है। इसको लेकर सोमवार की शाम बाढ़ खंड के अधिकारी जेसीबी मशीन आदि लेकर पहुंच गए। इसकी जानकारी होने पर मंगलवार को कई गांवों के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और प्रदर्शन कर नाला बनाने का विरोध किया। लोगों का कहना है कि उनकी कृषि योग्य भूमि जमीन तो नाले में जाएगी। साथ ही ईसानगर के गांव सियापुर, धुंधाकलां, अचरौरा, कटौली सहित एक दर्जन गांव नाले की चपेट मे आकर नदी मे समा जाएंगे। किसानों की इस समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जानकारी ली। साथ ही किसानों के हित में नाला न खोदे जाने को कहा। विधायक के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल काम रोक दिया गया है।
क्या नाले के निर्माण से रुक पाएगा कटान
जहां हजारों लोग बाढ़ व कटान से हर साल प्रभावित होते है। वहीं बाढ़ व कटान रोकने के लिए क्या एक नाले का निर्माण ग्रामीणों को कोई राहत दे पाएगा। ग्रामीणों का कहना है अगर पक्के बांध का निर्माण किया जाये। तभी बाढ़ व कटान को रोका जा सकता है। नाले को खोदे जाने से जहां नदी नाले में मिलकर और ज्यादा गांवों के पास आ जाएगी। जिससे बाढ़ और कटान से और ज्यादा गांव प्रभावित होंगे।
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किसान बोले, नाला की कोई जरूरत नहीं
गांवों के तरफ नाला खोदने से पूरी नदी इसी नाले में आ जाएगी, जिससे करीब 15 गांव प्रभावित हो सकते हैं। इस नाले को खोदने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार को तुरंत इस नाले की खुदाई रुकवानी चाहिए।
त्रिभुवन लाल यादव निवासी मिलिक
इस तरफ नाले की खुदाई से कई गांव नदी के निशाने पर आ जाएंगे। नाले की खुदाई हम लोग किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हम लोगों ने इसे रुकवाने की मांग की है।
मुन्ना अवस्थी, निवासी दुर्गापुर पडनी
पहले से ही हम लोगों की काफी जमीन नदी में कट चुकी है। बाकी की जमीन नाले के खुदाई में चले जाने से रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। किसी भी कीमत पे हम अपनी जमीन पे नाला नहीं खोदने देंगे।
शिवबालक यादव निवासी धुंधाकला
एक तरफ की कटान रोकने के लिए गांवों के करीब नदी से जुड़ा नाला खोदने से करीब एक दर्जन गांवों का अस्तित्व खतरे मे पड़ जाएगा। यह नाला किसी भी स्थिति मे खोदने नही दूंगा। इस संबंध मे जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। किसानों का हित सबसे ऊपर है।
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बाला प्रसाद अवस्थी, विधायक धौरहरा
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