लखीमपुर खीरी। पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर जयपुरिया स्कूल के पीछे बंद साल्वेंट प्लांट में सीतापुर निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र राठौर की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर उसके छह साथियों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करके कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 17 अप्रैल 2019 की सुबह युवक का शव प्लांट में बने तालाब में बरामद हुआ था।
सीतापुर के मोहल्ला सदर बाजार निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र राठौर ठेकेदार मोहल्ला कजियारा सीतापुर निवासी नईम के माध्यम से पेंटिंग का काम करने के लिए पांच अन्य साथियों के संग ओपीजी साल्वेंट प्लांट में आया था। जितेंद्र और उसके साथी राकेश, रमेश, राजू, अरविंद के साथ मिलकर ठहरने के लिए तालाब के सामने ही झोपड़ी बना रहे थे। उसी दौरान जयपुरिया स्कूल में स्थापना दिवस भी मनाया गया, जो प्लांट से जुड़ा हुआ है। स्कूल की बस, वैन आदि प्लांट परिसर में ही खड़े किए जाते हैं। 17 अप्रैल की सुबह करीब सात बजे उसके साथियों ने तालाब में शव पड़ा होने की सूचना प्लांट के कर्मचारियों को दी थी। तत्कालीन एलआरपी चौकी इंचार्ज हरिदास चौरसिया ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबने से बताया गया, लेकिन चौकाने वाली बात यह रही कि 48 घंटे पहले मौत होना बताया गया। परिजनों ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। तब सदर कोतवाली पुलिस ने मामले को हादसा करार देते हुए फाइल बंद कर दी थी। इसके बाद परिजनों ने साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट की शरण ली। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर क्राइम पान सिंह ने बताया कि मृतक की मां गायत्री राठौर की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें रवि कुमार, अरविंद, राजू, राकेश, डीवीडीएन और नईम को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।