धौरहरा। आशिक अली की हत्या 50 हजार रुपयों को लेकर बीटेक के छात्र ने पिस्टल से गोली मारकर की थी। पुलिस ने छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है।
गांव सिसैया निवासी आशिक अली की 20 अगस्त की शाम शेखनपुरवा गांव के पास रुपयों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक आशिक की पत्नी रेशमा की तहरीर पर गुड्डू, असलम, रफीक निवासी शेखरपुरवा और सानू निवासी भुलकी कोतवाली देहात जिला सुल्तानपुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने हत्या आरोपी गुड्डू, असलम और रफीक को हफ्ते भर में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी अंबार अजीज उर्फ सानू फरार था। पुलिस ने आरोपी को लखीमपुर-बहराइच के बीस सिसैया हाईवे पर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास दो मोबाइल, एक अवैध पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। पिस्टल पर मेड इन चाइना लिखा है। पुलिस ने सानू को जेल भेज दिया है। आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने पिस्टल 10 हजार रुपये में खरीदी थी। पिस्टल कंपनी मेड है या मुंगेर वाली। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
50 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर आशिक अली और हत्या अभियुक्तों के बीच विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर आशिक अली की हत्या हुई थी। नामजद तीन आरोपी पहले जेल जा चुके हैं। मुख्य आरोपी सानू फरार था, जिसे भी गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की गई है। पिस्टल की जांच की जा रही है।
- अजय प्रकाश मिश्रा प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली धौरहरा