लखीमपुर खीरी। गोला रोड पर गोदामकर्मी से पौने आठ लाख की लूट का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से 2.05 लाख की नगदी बरामद हुई है। लुटेरों ने ट्रैक्टर खरीदा था। उसकी किश्त जमा करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया। दोनों लुटेरों का गोदाम पर लंबे समय से आना जाना था। 15 दिन रेकी करने के बाद दोनों ने घटना को अंजाम दिया।
पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी पूनम ने बताया कि नौ सितंबर को गोला रोड स्थित अंग्रेजी शराब गोदाम कर्मचारी घनश्याम सक्सेना से दो बाइक सवार लुटेरे गोली मारकर 7.45 लाख की रकम लूट ली थी। घनश्याम के साथ उसका साथी जयप्रकाश भी था। खुलासे के लिए सदर कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी लगाई गई थी। एसपी ने बताया कि सोमवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने महेवागंज के निकट उल्ल नदी के पास बाइक से आते समय थाना नीमगांव के गांव बुड़हा निवासी वीरेंद्र वर्मा उर्फ पहुना पकड़ा। वह शहर के निकट सैधरी में रहता है। पुलिस ने उसके पास बैग में रखी 2.05 लाख की नगदी, एक तमंचा बरामद किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी सुड्डू उर्फ अनुज पांडेय निवासी गांव सनिगवां थाना नीमगांव शराब गोदाम के निकट ही रहता है। उन दोनों का गोदाम पर लंबे समय से आना जाना था। साल भर पहले दोनों ने एजेंसी से ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। दोनों उसी ट्रैक्टर से लहरपुर क्षेत्र में खनन का काम करते हैं। ट्रैक्टर की कई किश्तें टूट गईं थीं और ट्रैक्टर फाइनेंस कंपनी ले गई। ट्रैक्टर की किश्त अदा करने के लिए दोनों ने लूट की योजना बनाई और सुड्डू के साथ घटना को अंजाम दिया। घटना में प्रयुक्त बाइक सुड्डू की थी। वह बाइक चला रहा था और सुड्डू उसके पीछे बैठा था। सुड्डू ने ही गोली चलाकर बैग लूटा था। पुलिस के अनुसार वीरेंद्र उर्फ पहुना ने कबूला कि बरामद रुपये लूट के ही हैं। बाकी पैसा सुड्डू के पास में है। एसपी पूनम ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपए का पुरस्कार दिया है। एसपी ने लूट के मुख्य फरार आरोपी सुड्डू को भी शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
दोहरे हत्याकांड में जेल जा चुके लुटेरे
एसपी पूनम ने बताया कि थाना फरधान क्षेत्र में वर्ष 2016 में दोहरा हत्याकांड हुआ था। गोदाम कर्मी से पौने आठ लाख की लूट में शामिल दोनों लुटेरे इस दोहरे हत्याकांड में जेल गए थे। एक साल पहले ही जेल से छूटे थे। फिर ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था।
लुटेरे ने घटना के समय जो पैंट पहनी थी, वह सीसीटीवी फुटेज में आ गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और मुखबिर की सूचना पर से पकड़ा। लुटेरा शर्ट को उल्ल नदी में फेंकने की बात कह रहा है। दूसरे लुटेरों के गिरफ्तार होने पर अन्य तथ्यों का खुलासा होगा।
पूनम, पुलिस अधीक्षक