महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के एक गांव में पड़ोसी के मकान के बाहर पेड़ पर पड़ा झूला झुलने गई छह साल की बच्ची की 12 वर्षीय बालक ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। फिर ले जाकर शव घर से सौ मीटर दूर एक पुलिया के नीचे फेंक दिया। पुलिस ने शक के आधार पर मकान मालिक की पत्नी और उसके दो बेटों को पकड़कर पूछताछ की तो बालक ने घटना स्वीकार कर ली। मामले में मां और दोनों बेटों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, उन्हें बृहस्पतिवार को जेल भेजा जाएगा।
बच्ची का पिता श्रमिक है। वह मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे पड़ोसी मकान के बाहर पेड़ पर झूला झूलने गई थी। मां ने अपनी बच्ची को इस पड़ोसी मकान मालिक के दोनों बेटों को साथ खेलते देखा तो वह निश्चिंत होकर घरेलू कामकाज में जुट गई। करीब तीन घंटे बाद पड़ोसियों ने बच्ची के अचानक लापता होने की बात मां को जाकर बताई। घबराए माता-पिता बच्ची की तलाश में जुट गए। कुछ पता न चलने पर परिवार ने सुंदरवल चौकी पर सूचना दी और पड़ोस के इसी मकान में रहने वाले लोगों पर गायब करने का शक जताया। मंगलवार शाम ही चौकी प्रभारी ने पीड़ित परिवार और पड़ोसी से अलग अलग बात करके चले गए और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
प्रभारी निरीक्षक एसएन सिंह ने पड़ोसी महिला और उसके तीन बेटों को हिरासत में ले लिया। इनमें 18 वर्षीय एक बेटे के बारे में पुष्ट हुआ कि वह बच्ची के गायब होने के वक्त खेतों पर गया हुआ था, इसलिए उसे छोड़ दिया गया। बाकी दो में एक 12 वर्षीय बालक ने रात तीन बजे घटना होना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने निशानदेही पर पुलिस ने गांव के पश्चिम पुलिया के नीचे खून में लथपथ मासूम बच्ची का शव बरामद कर लिया। बच्ची के मुंह में मिट्टी भरी थी, गले पर खरोंच थी और रस्सी से कसने के निशान थे। बच्ची के पिता की तहरीर पर पड़ोसी महिला और उसके दो बेटों के खिलाफ धारा बच्ची को गायब करने, दुष्कर्म, हत्या और शव छुपाने की धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्ची से दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई है।