लखीमपुर खीरी। सर्दी में बच्चों को बीमारियां घेर रही हैं। उनमें ठंड लगने के साथ कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ रहा है। जिले की कुल 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में से 9 केंद्र ऐसे हैं, जहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। अभिभावकों को जिला अस्पताल की दूरी नापनी पड़ रही है।
निघासन सीएचसी की बात करें तो यहां से जिला अस्पताल की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। धौरहरा से 65, रमियाबेहड़ से 40, मितौली से 35 किलोमीटर है। वहां बच्चों की बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। इससे अभिभावकों को अपने बीमार बच्चों को लेकर कई किलोमीटर दूरी दूरी तय करनी पड़ रही है या फिर मजबूरन महंगी कीमत अदा कर प्राइवेट चिकित्सकों के यहां जाना पड़ रहा है।
धौरहरा सीएचसी में हाल ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की बात सीएचसी प्रभारी ने की है लेकिन वह भी ज्वाइनिंग के बाद छुट्टी पर चले गए। ऐसे में धौरहरा में बच्चों का इलाज फिजिशियन के सहारे चल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ के न होने से बिजुआ में खुद सीएचसी अधीक्षक व खमरिया, पसगवां, मितौली, निघासन, बिजुआ, फरधान व फूलबेहड़ में अन्य चिकित्सक बच्चों का इलाज कर रहे हैं।
मेरा बेटा बीमार था। यहां बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। इससे प्राइवेट अस्पताल में इलाज करना पड़ा, जो काफी महंगा पड़ा।
सुरेंद्र वर्मा, धौरहरा
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बच्चों को मामूली बुखार या अन्य तकलीफ होने पर सीएचसी जाते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ न होने से उन्हें रेफर कर दिया जाता है।
संतोष चौरसिया, धौरहरा
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इन सीएचसी पर नहीं बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती
मितौली, बिजुआ, खमरिया, फूलबेहड़, पसगवां, फरधान, निघासन, धौरहरा, रमियाबेहड़
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इन बातों का रखें ध्यान
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि इस समय ओपीडी में जुकाम, खांसी व बुखार के मरीज आ रहे हैं। ऐसे मौसम में बच्चों को ठंडी हवा और कोहरे से बचाएं। बाहर निकलते समय स्वेटर और टोपी जरूर पहनाएं। उन्हें गर्म और पौष्टिक भोजन दें। ठंडा पानी व आइसक्रीम देने से बचें। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पिलाएं। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें, वहां पर संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। खांसी या जुकाम होने पर बच्चों को खुद से दवा न दें, डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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बाल रोग विशेषज्ञ की कमी तो है। फर्स्ट रेफरल यूनिट में बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। उपलब्धता के आधार पर चिकित्सकों को नियुक्त किया जा रहा है।
संतोष गुप्ता, सीएमओ