- गंभीर रूप से घायल ढाई वर्षीय बेटे का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज
- शारदानगर में एक महिला द्वारा बेटे को ईंट मारकर नदी में कूदने का मामला
लखीमपुर खीरी। चाइल्ड लाइन की टीम ने पांच वर्षीय दीक्षा को अपनी कस्टडी में ले लिया है। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती ढाई वर्षीय बेटे पर नजर रखी जा रही है। वहीं दोनों बच्चों की मां ऊषा देवी को लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां बता दें कि रविवार को शारदानगर में ऊषा ने अपने ढाई वर्षीय बेटे को ईंट मारकर जख्मी कर दिया था और खुद शारदा नदी में कूद गई थी।
शारदानगर में झोंपड़ी बनाकर रहने वाले सरवन कुमार की मृत्यु ढाई साल पहले हो गई थी, जिसके बाद उसकी पत्नी ऊषा देवी और दो छोटे बच्चे बदहवास हालत में इधर-उधर घूमते रहते थे। महिला व उसके बच्चे इधर-उधर मांग खाकर गुजारा करते थे। शनिवार की शाम करीब 7:00 बजे ऊषा देवी अपने दोनों बच्चों (एक बेटा व एक बेटी) के साथ पड़ोस के धौरहरा थाना क्षेत्र के गांव तिवारीपुरवा के कामेश्वर तिवारी के घर जा पहुंची थी। घर की महिलाएं खाना बना रही थीं, तभी महिला अपने ढाई वर्षीय बेटे को लेकर उनके घर के एक कमरे में बंद होकर बेटे को मारने लगी थी। शोरगुल की आवाज सुनकर घर वाले इकट्ठा हुए तो दरवाजा तोड़कर किसी तरह बच्चे और महिला को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने मरणासन्न हाल बच्चे को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया, तब तक ऊषा देवी ने शारदा नदी में छलांग लगा दी थी। गांव वालों ने उसे भी किसी तरह बचाकर पुलिस के माध्यम से जिला अस्पताल में पहुंचाया था, जहां ढाई वर्षीय बच्चे को भर्ती कर लिया गया। मां ऊषा देवी को लखनऊ के अस्पताल में भेज दिया गया है। इससे जिला अस्पताल में निराश्रित हाल में भर्ती बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। हालांकि चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा महिला की एक बेटी दीक्षा को अपनी अभिरक्षा में लेकर उसे बाल गृह भेजने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है और अस्पताल में भर्ती ढाई वर्षीय बच्चे के इलाज पर नजर रखी जा रही है। चाइल्ड लाइन टीम के सदस्य सचिन सोनी ने बताया कि बाल कल्याण समिति के आदेश पर बालिका को मां काली सेवा संस्थान में आसरा दिलाया गया है। अस्पताल में भर्ती ढाई वर्षीय बच्चे की देखभाल टीम के सदस्यों द्वारा की जा रही है, जिसकी हालत अभी गंभीर बनी हुई है।