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Lakhimpur Kheri News: आज नहाय खाय से होगी छठ पूजा की शुरुआत

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बांकेगंज में सूखी पड़ी नहर। स्त्रोत- संवाद।
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लखीमपुर खीरी। छठ पूजा की तैयारी जोरों पर है। पर्व पांच नवंबर यानी नहाय खाय की पूजा से शुरू होकर आठ नवंबर तक चलेगा। छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया जाता है।
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छठ पूजा के लिए महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाजारों में लोग पूजा का सामान खरीद रहे हैं। सोमवार को पूजास्थल सेठघाट पर लोगों ने वेदियां बनाने का काम शुरू कर दिया। लोग अपने-अपने स्थान पर पहुंचकर सुबह से ही वेदियां बनाने में जुट गए।


छठ पूजा की तारीखें
पांच नवंबर - नहाय खाय

छह नवंबर - लोहंडा और खरना

सात नवंबर - छठ पूजा शाम (संध्या अर्घ्य)

आठ नवंबर - पूजा सुबह (उषा अर्घ्य और पारण)


इन सामग्रियों का करें प्रयोग
- सूप
- डालिया
- नारियल
- गन्ना
- फलों का प्रसाद
- ठेकुआ
- दीपक और धूप
- दूध और जल


पालिका अध्यक्ष ने पूजास्थल का लिया जायजा

लखीमपुर खीरी। छठ पूजा स्थल सेठ घाट पर पूजा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। साफ सफाई का काम चल रहा है, मिट्टी डालकर जमीन को बराबर किया जा रहा है। उधर, जेसीबी और नाव से भी नदी के अंदर झाड़ियां हटाकर साफ सफाई की जा रही है।
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सोमवार को पूजास्थल का जायजा लेने पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव भी पहुंचीं। उन्होंने छठ पर्व के मद्देनजर सेठघाट पर चल रहे साफ-सफाई के कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अर्जुन दुर्गेश वर्मा, ग्राम प्रधान उत्तम वर्मा (सैधरी), बजरंग शर्मा, संतोष वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।

डॉ. इरा श्रीवास्तव ने बताया कि छठ पर्व हिंदू समाज का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इसे मनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएंगी। साफ-सफाई के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाट की साफ-सफाई में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। संवाद




बांकेगंज में नहरें सूखीं, कैसे होगी छठ पूजा
बांकेगंज। छठ पूजा मंगलवार को नहाय खाय से शुरू होगी, लेकिन बांकेगंज कस्बा में छाेटी और बड़ी दोनों नहरें सूखी पड़ी हैं। ऐसे में श्रद्धालु भगवान सूर्य की उपसना का महापर्व कैसे मनाएंगे, इसको लेकर पूर्वांचल समाज के लोग मायूस हैं।
कस्बा के धर्मवीर गुप्ता, अंगद गुप्ता, सुग्रीव, अमन, राम जी गुप्ता आदि ने जिम्मेदारों से सूखी पड़ी नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है। उधर, सिंचाई विभाग के जेई अभिषेक सिंह ने बताया कि सिल्ट सफाई कार्य के लिए खीरी और सीतापुर ब्रांच की नहरों का पानी बंद किया गया है। सिल्ट सफाई के बाद नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। संवाद



छठ पूजा के लिए सरोवर पर हुई सफाई
तिकुनिया। कस्बे के ऐतिहासिक देवी मंदिर पर बने सरोवर पर प्रतिवर्ष छठ पूजा होती है। पूजा के लिए श्रद्धालु स्वयं सरोवर की सफाई करते हैं।
सोमवार को छठ पूजा के लिए श्रद्धालु मंदिर पर पहुंचे। सरोवर की सुबह से ही सफाई शुरू कर दी। प्रशासन ने छठ पूजा की सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। इससे लोगों में रोष है। सफाई कर रहे कृष्णा सिंह और संदीप चौहान ने बताया कि सात नवंबर को करीब 200 से अधिक महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शाम 5:00 बजे से सरोवर में खड़े होकर अपनी पूजा शुरू करेंगी। आठ नवंबर को निर्जला व्रत तोड़ेंगी। सफाई अभियान में कई लोग शामिल हुए, लेकिन कस्बे के सफाई कर्मचारी नदारत रहे। संवाद



बसही कॉलोनी में वेदियों की सफाई का कार्य शुरू
संपूर्णानगर। छठ पर्व नजदीक आते ही वेदियों की सफाई व अन्य कार्य जोरों से हो रहे हैं। सोमवार को बसही कॉलोनी में छठ घाट पर बनी वेदियों की साफ-सफाई का कार्य सेवादारों द्वारा शुरू किया गया।
संपूर्णानगर के सिंगाही खुर्द छठ घाट, भानपुरी खजुरिया, बसही, कृष्णानगर, मुरारखेड़ा, रानीनगर, बमनगर, विशेनपुरी, सुमेरनगर गांव में छठ पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। सोमवार को बसही में सेवादार व नगर व्यापार मंडल के महामंत्री अभिषेक सिंह ने बताया कि सोमवार से अरुण सिंह, अंशुल यादव, सचिव, सोनू भास्कर, शिवा, अमित गुप्ता, दुर्गेश राय, अंगद यादव, गोलू राजभर, हरेंद्र, अजय, राजन, सत्येंद्र, विशाल समेत अन्य सेवादारों ने वेदी की साफ-सफाई का कार्य शुरू किया है।
सिंगाही खुर्द में श्री छठ पूजा सेवा समिति की तरफ से सेवादार विवेक सिंह, संजय गुप्ता, देवशरण गुप्ता, राजन यादव, अभय, अनुज, धर्मेंद्र सिंह, आलोक सिंह आदि ने साफ सफाई की। सेवादारों के लिए जलपान की व्यवस्था गुरप्रीत सिंह गोपी की तरफ से की गई। सेवादारों ने बताया कि जल्द ही छठ पूजा से पहले सभी कार्य पूरे कर पूजा के लिए इसको बेहतर ढंग से सजाया जाएगा। संवाद


महिलाओं की भक्ति और समर्पण का पर्व है छठ
लखीमपुर खीरी। छठ पूजा का व्रत महिलाओं की भक्ति और समर्पण का पर्व है। महिलाएं इस पर्व पर चार दिन व्रत रखकर परिवार और बच्चों की सुख समृद्धि की कामना करती हैं। इस अवसर पर व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी तैयारियों में जुटी हैं। वे अपने परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करेंगी और सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करेंगी।

परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है छठ पूजा
छठ पूजा का व्रत रखना मेरे लिए बहुत खास है। इस पूजा में मैं अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना करती हूं। मेरी यह दूसरी छठ पूजा है। -पूजा यादव, हाथीपुर उत्तरी



मैं इस व्रत को अपनी मां से सीखी हूं। यह हमारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। इसके लिए हम लोग कई दिन पहले से तैयारी करते हैं। इस व्रत को हम दूसरी बार रखने जा रहे हैं। -नेहा, हाथीपुर




व्रत के दौरान मैं केवल जल और फल ही ग्रहण करती हूं। यह मेरे लिए आत्मशुद्धि का अवसर है। बृहस्पतिवार को सूर्य को अर्घ दिया जाएगा। उसमें हमलोग शामिल होंगे। -वंदना सिंह, जोड़ी बंगला




छठ पूजा की तैयारी में हमारा पूरा परिवार शामिल होता है। यह हमें एकजुट करता है। इस पूजा में हम लोग अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना करते हैं। -रानी राय, प्रकाश नगर

बांकेगंज में सूखी पड़ी नहर। स्त्रोत- संवाद।

बांकेगंज में सूखी पड़ी नहर। स्त्रोत- संवाद।

बांकेगंज में सूखी पड़ी नहर। स्त्रोत- संवाद।

बांकेगंज में सूखी पड़ी नहर। स्त्रोत- संवाद।

बांकेगंज में सूखी पड़ी नहर। स्त्रोत- संवाद।

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