डीएम किंजल सिंह के निर्देश पर पूरे जिले में एसडीएम और तहसीलदार समेत कई अफसरों ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अफरा-तफरी मच गई। गोला, पलिया और पसगवां में एसडीएम ने निरीक्षण किया तो बांकेगंज सीएचसी का गोला के तहसीलदार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अफसरों ने अव्यवस्थाएं देखकर कड़ी नाराजगी जताई। डीएम को निरीक्षण रिपोर्ट भेजी गई है।
गोला गोकर्णनाथ। सीएचसी के औचक निरीक्षण में वहां की अव्यवस्थाएं देख एसडीएम विनोद गुप्ता भड़क उठे और कई लोगों की जमकर क्लास ली। वहां उन्हें अधीक्षक कक्ष का ताला बंद मिला। अस्पताल गेट पर चाय के ठेले पर मौजूद सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके सिंह को किसी ने एसडीएम के अस्पताल पहुंचने की बात बताई तो वह भागकर सीएचसी पहुंचे। एसडीएम ने जननी सुरक्षा योजना, एंबुलेंस, सात माह से बंद कैंटीन, गंदगी, खराब वाटर कूलर और फिल्टर, टूटी बिजली की रॉड, बंद पानी की टोटी आदि के बारे में अधीक्षक से पूछा तो उनसे जवाब देते नहीं बना। जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थी को दी गई चेक का दर्ज विवरण रजिस्टर पर देख एक आशा के नंबर पर फोन किया तो उधर से बताया गया कि उसने इस नाम की किसी गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रजिस्टर की फोटो कॉपी कराकर जांच कराने को कहा।
पलियाकलां। एसडीएम एसपी सिंह ने सीएचसी का निरीक्षण किया। एसडीएम ने वहां साफ सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने वार्ड जांचे और बेड देखे। मरीजों से भी बातचीत की। इस दौरान उन्हें शौचालय में काफी गंदगी दिखी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और साफ सफाई व्यवस्था को सुधारने निर्देश दिए। एसडीएम ने स्टोर में दवाओं के रखरखाव को देखने के साथ उनकी एक्सपायर डेट की भी जांच की। उन्होंने स्वाइन फ्लू कक्ष का भी जायजा लिया।
पसगवां। एसडीएम शिशिर कुमार ने तहसीलदार दशरथ कुमार के साथ पसगवां सीएचसी प्रसव कक्ष, दवा वितरण काउंटर, आपातकालीन कक्ष आदि देखे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि पानी की टंकी की सफाई बजट के अभाव में पिछले डेढ़ साल से नहीं हुई है। एसडीएम ने वार्डों में साफ सफाई के निर्देश दिए। उधर जेबीगंज में भी अस्पताल और शौचालय गंदे मिले जिसे साफ कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल में दो कर्मचारी शिल्पी व गुरविंदर गैरहाजिर मिले जबकि संविदा डॉक्टर विभा सिंह मौजूद नहीं मिली।
बांकेगंज। मंगलवार सुबह 10 बजे तहसीलदार गोला अभिमन्यु वर्मा ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित पंजिका का मुआयना किया। इसमें डॉ. राकेश बहादुर, एक संविदा डॉक्टर और कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई।
कैजुयल लीव पंजिका निरीक्षण के दौरान तहसीलदार अवाक रह गए। इसमें वर्ष 2015 में किसी डॉक्टर और कर्मचारी के आकस्मिक अवकाश लेने का विवरण दर्ज नहीं था। जबकि उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर की जगह डॉक्टरों और कर्मचारियों का आकस्मिक अवकाश दर्ज मिला। उन्होंने अधीक्षक से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने जच्चा-बच्चा वार्ड, प्रसूता गृह, दवाई वितरण कक्ष और साफ-सफाई व्यवस्था आदि का निरीक्षण कर संतोष जताया।