फरवरी में ही होने लगी अप्रैल जैसी गर्मी, मच्छर बढ़े
फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में ही मौसम के तेवर बदलने लगें हैं। एक सप्ताह पहले से मौसम का पारा चढ़ना शुरू हो गया। मंगलवार को अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास हुआ। सुबह से तेज धूप रहने से गर्मी बढ़ गई और लोगों को गर्म कपड़े छोड़ने पड़े। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लोगों का कहना है कि यह तापमान आम तौर पर मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल माह में होता है। अभी से गर्मी बढ़ जाने से लोग मई जून में भीषण गर्मी की आशंका जता रहे हैं। तापमान में अचानक बढ़ोतरी से लोगों को समय से पहले गर्म कपड़े पैक करने पड़ गए हैं। मंगलवार को लोग गर्मी के कपड़ों में नजर आए।
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले भर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। एक तो गर्मी ऊपर से मच्छरों के हमले के चलते लोगों की अभी से नींद हराम हो गई है। समय से पहले बढ़ी गर्मी से गेहूं और फसल को नुकसान हो सकता है। किसानों का कहना है गर्मी बढ़ने से फसल पकने के बजाय सूखना शुरू हो जाएगी। इससे गेहूं और मसूर के दाने कमजोर होंगे और उत्पादन में कमी आ सकती है।