उन्होंने भीमराव आंबेडकर के संविधान की ताकत को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा कि हमारे अधिकार हमें किसी सरकार ने नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान ने दिए हैं। इन्हें कोई छीन नहीं सकता। उन्होंने कहा कि जब-जब बहुजन समाज एकजुट हुआ है, तब-तब सत्ता को झुकना पड़ा है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा हम डरने वाले नहीं, लड़ने वाले लोग हैं। अगर हमारे हक पर चोट होगी तो हम सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और संगठन के रास्ते पर चलें और अपने अधिकारों के लिए सजग रहें।
तिकुनिया कांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे मोटर साइकिल से पीड़ितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा हम अन्याय के खिलाफ हर हाल में खड़े रहेंगे, चाहे कितनी भी बाधाएं आएं।
उन्होंने यह भी कहा कि वोट की ताकत से ही तिकुनिया कांड से जुड़े लोगों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया गया, जो लोकतंत्र की असली ताकत है। अंत में उन्होंने बहुजन समाज से एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।