लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट विभाग में इन दिनों सर्वाइकल, फ्रोजन शोल्डर, कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। यह समस्या महिलाओं, किशोर व युवाओं में सबसे ज्यादा है। कुछ दर्द तो सामान्य थेरेपी से ठीक हो जा रहे, लेकिन कुछ में लंबा समय लग रहा है।
जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विवेक तिवारी ने बताया कि बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण लोगों में सर्वाइकल दर्द, फ्रोजन शोल्डर और कमर दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
डॉ. विवेक ने बताया कि सर्वाइकल दर्द का मुख्य कारण गलत पोश्चर, लंबे समय तक झुककर काम करना, तनाव, उम्र बढ़ने के साथ गर्दन की हड्डियों में होने वाले बदलाव हैं। लगातार एक ही मुद्रा में बैठने से गर्दन और रीढ़ की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। इससे गर्दन में दर्द, अकड़न, हाथों में झनझनाहट जैसी शिकायतें होती है।
वहीं फ्रोजन शोल्डर अधिकतर मधुमेह और थायराइड रोगियों में देखने को मिलती है। इसमें कंधे में तेज दर्द और अकड़न हो जाती है, इससे हाथ ऊपर उठाने या पीछे ले जाने में परेशानी होती है। कमर दर्द लंबे समय तक बैठकर काम करने, भारी सामान गलत तरीके से उठाने से बढ़ी है। कमर दर्द को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है।
यह रखें ध्यान, नहीं होगी समस्याएं
डॉ. विवेक तिवारी ने बताया कि फिजियोथेरेपी इन समस्याओं के उपचार में सबसे कारगर तरीका है। नियमित व्यायाम, स्ट्रेचिंग, गर्म सिकाई और सही पोश्चर अपनाने से दर्द में राहत मिलती है। जरूरत पर डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें। सलाह है कि मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें, लंबे समय तक लगातार न बैठें, बीच-बीच में ब्रेक लें और हल्का व्यायाम जरूर करें। साथ ही कैल्शियम और पोषणयुक्त आहार लेने पर भी जोर दिया।