तीन दिन से कुछ भी नहीं खाया, दिया जा चिकन सूप
तीन ग्रामीणों पर हमलाकर मौत के घाट उतारने के बाद ट्रैंक्विलाइज कर पकड़ा गया बाघ अभी सदमे में हैं। चिड़ियाघर में सजा काट रहे इस बाघ ने अभी तक कुछ भी नहीं खाया है। उसे खाने को जो मांस दिया जा रहा है, उसकी ओर वह देख भी नहीं रहा है। उसने तीन दिनों से सिर्फ पानी पिया है। उसके शरीर में ताकत बनी रहे इसके लिए उसे चिकन सूप पानी में दिया गया जिसे उसने अनमनेपन से पिया। उसके चेहरे पर डर और गुस्सा झलक रहा है।
नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान लखनऊ के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बाघ अभी बेहद गुस्से में लग रहा है। सदमे में होने के कारण वह कुछ खा नहीं रहा है। बाघ को डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि उसे चिड़ियाघर की आबोहवा और माहौल में एडजस्ट होने में पांच छह महीने का समय लग सकता है। उम्मीद है कि बाघ एक माह के अंदर खाने पीने लगेगा। इससे पहले कांपटांडा से पकड़कर लाए गए बाघ किशन ने भी एक माह बाद ही खाना शुरू किया था। इसके खाना शुरू करने के बाद उसे ज्यादा खाना दिया जाएगा ताकि यह अपनी खोई हुई ताकत को फिर से हासिल कर सके।
डॉ. उत्कर्ष ने यह भी बताया कि चिड़ियाघर के माहौल में पूरी तरह एडजस्ट होने के बाद ही इसे नए घर में शिफ्ट किया जाएगा और पर्यटक इस बाघ के दीदार कर सकेंगे। बताया कि खीरी के जंगलों के तीन बाघ चिड़ियाघर में आजन्म कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाघ का चिड़ियाघर में पूरा ख्याल रखा जा रहा है।