क्यूआर कोड से मंगाई गई रकम भी जांच के दायरे में
परिजनों ने आरोप लगाया था कि युवकों को एक निजी मकान में रखकर उनके घर पर कॉल कराया गया और करीब दो लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए। रकम जिस क्यूआर कोड के माध्यम से मंगाई गई, उस खाते के धारक को भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज रिपोर्ट में आरोपी बनाया गया है। इससे प्रकरण में कथित रकम के लेनदेन की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग की कार्रवाई के बाद अब दर्ज रिपोर्ट में नामजद पुलिसकर्मियों और क्यूआर कोड धारक की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों, रुपये के लेनदेन तथा गिरफ्तार और छोड़े गए लोगों से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया गया है।