20 मई को मथना मजार पर लगा था दो दिवसीय मेला
भीड़ और वाहनों से किसानों की तीन एकड़ में ढाई लाख की फसल नष्ट होने का है आरोप
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र में देवकली रोड स्थित मथना गांव में मस्तान मियां की मजार पर दो दिवसीय मेला लगाए जाने से आसपास के किसानों की फसलों को भारी नुकसान होने का मामला सामने आया है। किसानों ने मेले में आए लोगों से फसल को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने किसान केे साथ गाली-गलौज की और मारपीट पर आमादा हो गए। किसानों ने फसल नष्ट करने वाले वाहनों का वीडियो बना लिया। कोतवाली पुलिस ने किसानों की तहरीर पर मजार के सभी मौलाना, कमेटी के अध्यक्ष व पदाधिकारी समेत 19 वाहन स्वामियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सिसौना गांव निवासी किसान कमल चरनजीत सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि उसने मथना गांव में एक वर्ष के लिए जायसवाल फार्म खेती के लिए लीज पर लिया है, जिसमें किसान और उसके सहयोगियों की करीब 16 एकड़ फसल लगी है। 20 मई 2022 की रात मथना में मस्तान मियां की मजार पर कमेटी के लोगों व मौलानाओं ने एक बड़े मेले का आयोजन किया, जिसमें रात करीब नौ बजे से लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी।
आरोप है कि भीड़ में शामिल हजारों अराजक तत्वों ने किसानों के खेत के चारों ओर लगे तार-बल्ली तोड़ डाले और फिर बाइक, आटो समेत अन्य वाहन खेत में निकालने लगे। आरोप है कि आवासीय परिसर जिसमें नौकर परिवार सहित रहता है वहां भी घुसकर निकलने लगे। इससे किसान की करीब तीन एकड़ गन्ने की खड़ी फसल रौंदकर नष्ट हो गई, जिससे किसान को करीब 2.50 लाख की क्षति होने का अनुमान है। किसान का यह भी आरोप है कि वह अपने नौकर समेत रात भी फसल बचाने के लिए परेशान रहे, विरोध करने पर अराजक तत्वों ने मारपीट कर गाली-गलौज की। आसपास के कई अन्य किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
किसानों ने बताया कि उसने इस दौरान खेत में जबरदस्ती निकलने व पार्किंग करने वाले कई वाहनों की तस्वीर मोबाइल से खींची है, जिसमें वाहनों के नंबर भी आए हैं। आरोप है कि मेला लगाने के लिए तहसील प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मजार के सभी मौलाना, कमेटी के अध्यक्ष व पदाधिकारी समेत 19 वाहन स्वामियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अपराध निरीक्षक संजय कुमार यादव ने बताया कि मेला लगाने के संबंध में पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी और न ही अनुमति थी। किसानों की फसल को नुकसान हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।