बिजली विभाग में कार्यदाई संस्थाओं की ओर से रखे गए संविदा कर्मियों के बैंक खाता, ईपीएफ, इंश्योरेंस समेत कई बिंदुओं को लेकर कार्यदाई संस्थाएं ब्योरा नहीं दे पा रही हैं। नतीजतन बिजली विभाग ने इन कार्यदाई संस्थाओं के भुगतान पर रोक लगा दी है। अधिशासी अभियंता ने निर्देश दिया है कि कार्यदाई संस्थाएं संविदा कर्मियों से उनकी सेवा शर्तों के मुताबिक ही कार्य कराएं।
लखीमपुर विद्युत वितरण खंड प्रथम में कुल नौ कार्यदाई संस्थाएं रजिस्टर्ड हैं। इनमें विद्युत मजदूर कल्याण समिति ही संविदा कर्मियों को उनके बैंक खातों में भुगतान कर रही है और उनका इंश्योरेंस कर ईपीएफ दे रही है।
जबकि प्रवीन पांडे कांटेक्टर, ऊं साईं ट्रेडर्स, मां शारदे इंटरप्राइजेज, नेशनल कांट्रेक्टर, उषा इलेक्ट्रिकल्स, कमल इंटरप्राइजेज नई बस्ती और मिश्रा ट्रेडर्स काशीनगर की ओर से संविदा कर्मियों संबंधी कोई रिकार्ड नहीं जमा किया गया है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि नियमत: कार्यदाई संस्थाओं को संविदा कर्मियों का पारिश्रमिक चेक या उनके बैंक खाते में देने, इंश्योरेंस करने, ईपीएफ देने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए लेकिन अब तक आठ कार्यदाई संस्थाओं ने ऐसा नहीं किया है। जिस पर अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने नवंबर से कार्यदाई संस्थाओं का भुगतान रोक दिया है।
साथ ही अक्तूबर तक किए गए भुगतान में संविदा कर्मियों से जुड़ा रिकार्ड मांगा है। बता दें कि ये संविदा कर्मी कार्यदाई संस्थाओं के लिए बिजली लाइनों के रखरखाव, उपकेंद्रों और नई लाइनों के निर्माण का कार्य करते हैं, ऐसे में संविदा कर्मियों के साथ हादसा होने पर कार्यदाई संस्थाएं अपना पल्ला झाड़ लेती थीं लेकिन अब बिजली विभाग की इस सख्ती के बाद से कार्यदाई संस्थाओं में हड़कंप मचा हुआ है। ईई ने बताया कि संस्थाओं की ओर संविदा कर्मियों का ब्योरा उपलब्ध करा देने पर उनके बिलों का भुगतान किया जाएगा।