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अब गन्ना विभाग कर रहा लेट-लतीफी

Sat, 23 Jan 2016 06:19 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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चालू पेराई सत्र 2015-16 में प्रदेश सरकार ने करीब दो माह की देरी से गन्ना मूल्य घोषित किया था, जिससे गन्ना किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब गन्ना विभाग के निदेशालय स्तर पर सर्कुलर और फार्मेट जारी करने में हो रही लेटलतीफी का मामला सामने आया है, जिससे किसानों को भुगतान में तेजी नहीं आ पा रही है। वहीं मिलों पर बकाया और ब्याज की गणना शुरू नहीं हो पाई है। ऐरा चीनी मिल ने अब तक नए पेराई सत्र का भुगतान नहीं किया है।
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चीनी मिलों को राहत देने की धुन में प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को किनारे किया ही, अब रही-सही कसर पूरी करने में गन्ना विभाग जुट गया है। एक सप्ताह बाद भी गन्ना आयुक्त ने सर्कुलर और फार्मेट जारी नहीं किया है, जिससे जिला गन्ना कार्यालय में चीनी मिलों पर बकाया और ब्याज की गणना शुरू नहीं हो सकी है। लिहाजा चीनी मिलें भी किसानों को भुगतान करने में दिलचस्पी नहीं ले रहीं हैं।
इस पेराई सत्र में बजाज ग्रुप की मिलें गोला, पलिया और खंभारखेड़ा धीमी गति से भुगतान कर रहीं हैं। वहीं ऐरा चीनी मिल ने अब तक एक पैसे का भुगतान नहीं किया है, जिससे किसानों की दयनीय हालत का अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है।
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अफसर भी चीनी मिलों की मनमर्जी के आगे बेबस नजर आ रहे हैं, क्योंकि मिलों को सीधे प्रदेश सरकार से रियायतें जो मिल रहीं हैं। ऐसे में किसानों की सुनवाई कौन करेगा, यह बड़ा सवाल बन गया है, जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। हालांकि गन्ना मूल्य घोषित होने के बाद पर्चियों पर मिलों ने बतौर पहली किस्त 230 रुपये प्रति क्विंटल का रेट अंकित करना शुरू कर दिया है। अवशेष भुगतान चीनी मिल बंद होने की तिथि से तीन माह के अंदर किया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी -जगदीश चंद्र यादव का कहना है कि ऐरा मिल की एडवाइज बन चुकी है। सोमवार को मिल भुगतान करेेगी। मुख्यालय से सर्कुलर और फार्मेट मिलते ही भुगतान और ब्याज की गणना शुरू कर दी जाएगी। किसानों को भुगतान में तेजी लाने के लिए निरंतर चीनी मिलों के अध्यासियों से संपर्क में हैं।
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