जय गुरूदेव के उत्तराधिकारी पंकज जी महराज के सत्संग में मौजूद श्रद्धालू
धौरहरा। गुरु के बिना इस संसार की कोई विद्या नहीं सीख सकते तो गुरु के बिना भवसागर से पार कैसे जा सकते हैं? गुरु ही अपनी दया करके कलयुग की साधना सुरत, शब्द योग (नाम योग) का मार्ग देकर जीवों से साधना कराके भवसागर से पार कर देते हैं। क्योंकि यह कलयुग है इसमें मानव की आयु सीमा घटकर मात्र 100 वर्ष ही रह गई, उसमें भी अशुद्ध खान-पान के कारण अल्प आयु में भी मृत्यु होने लगी है।
यह बातें जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था राष्ट्रीय अध्यक्ष व परम संत बाबा जयगुरुदेव महाराज के उत्तराधिकारी पंकज जी महाराज ने कही। बता दें कि 108 दिवसीय शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध यात्रा लेकर वह जिले में लोगों को शाकाहार रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष मनोहर सिंह, जिला व्यवस्थापक सियाराम यादव, ब्लाक अध्यक्ष आयोजक कनौजी लाल वर्मा, अध्यक्ष रामवाटिका धाम पं. मेलाराम, भगवती प्रसाद शुक्ला, रामनरेश, चौरसिया, मनोज त्रिवेदी तथा संस्था के पदाधिकारी व प्रबंध समिति के सदस्य उपस्थित रहे। संवाद