लखीमपुर खीरी। आवास विकास परिषद की राजापुर (एलआरपी) मार्ग गृहस्थान योजना के विरोध में राजापुर और पिपरिया गांव के करीब 50 किसान सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। एलआरपी मार्ग योजना के निरस्त किए जाने की मांग की। अधिग्रहण योजना तत्काल निरस्त न होने पर सामूहिक आत्मदाह की अनुमति मांगी है। हालांकि, किसानों की डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी।
चार दिन पूर्व राजापुर व पिपरिया गांव के करीब 30 किसानों ने विलोबी हॉल के सामने पानी की टंकी पर चढ़कर और 50 से अधिक ने परिसर में बैठकर जमीन अधिग्रहण का विरोध जताया था। प्रभारी डीएम/सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय सिंह और आवास एवं विकास परिषद के एक्सईएन ने समझा-बुझाकर किसानों को शांत कराया। योजना के निरस्तीकरण पर सहमति बनी थी।
अधिकारियों ने किसानों से बुधवार को अलग-अलग प्रत्यावेदन देने को कहा था, ये प्रत्यावेदन आवास विकास परिषद बोर्ड के समक्ष रखे जाएंगे। आवास योजना निरस्त करने के संबंध में किसान ज्ञापन लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे थे। ज्ञापन में योजना निरस्त न होने पर सामूहिक आत्मदाह की अनुमति मांगी गई है। कलेक्ट्रेट में किसानों की डीएम से मुलाकात नहीं हो सकी।
जमीन अधिग्रहण का यह है मामला
वर्ष 2010 में आवास विकास परिषद ने राजापुर मार्ग गृहस्थान योजना की अधिसूचना जारी की। जमीन का अधिग्रहण शुरू किया गया। इस प्रोजेक्ट में करीब 317 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी। दर का निर्धारण 17.91 रुपये वर्ग फुट तय किया गया। प्रोजेक्ट की शुरुआत से किसान नाराज थे। जमीन देने का विरोध किया और जिला स्तरीय अधिकारियों, आवास विकास परिषद के अधिकारियों से शिकायत की। मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई। नाराज किसानों ने तीन दिन पहले विलोबी हॉल के सामने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध किया था।
यह हैं किसानाें की मांगें
आवास विकास परिषद की राजापुर (एलआरपी) मार्ग गृहस्थान योजना को अति शीघ्र निरस्त किया जाए।
योजना से संक्रमित पूरी 317 एकड़ भूमि को अवमुक्त किया जाए।
किसानों की खतौनियों पर आवास विकास के पक्ष में दर्ज किए गए आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।