ममरी। गर्मी के मौसम में फसलों की सिंचाई नहीं हो रही है। इससे किसान परेशान हैं। दो हफ्ते से सूखी खीरी और सीतापुर ब्रांच सहित सभी नहरों में पानी शीघ्र चलाए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
तेलियाकुंडा, हरिहरपुर, मोतीपुर, हेमपुर, ममरी, बरगदिया, हैदराबाद, खरगापुर आदि ग्रामों के किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी गन्ना, ज्वार, उड़द, मूंग की फसलें सिंचाई मांग रही हैं। खीरी और सीतापुर ब्रांच समेत सभी नहरें दो सप्ताह से सूखी हैं। सिंचाई का अन्य साधन मौजूद नहीं है।
गर्मी होने की वजह से फसलें सूखने लगी हैं। छोटी बड़ी सभी नहरों को शीघ्र चलाने की मांग जिला प्रशासन से की है। उधर नहर महकमा के अवर अभियंता अभिषेक सिंह ने बताया कि नहरें दो सप्ताह के लिए बंद हुई थी। किसानों में पानी की डिमांड बढ़ी है, जिसे ध्यान में रखते हुए नहरों में अपनी 19 अप्रैल से चलाया जाएगा।
गन्ना, मक्का, धान पर असरबिजुआ। बिजुआ-अलीगंज नहर में पानी न आने से गन्ने, मक्का, सब्जी, उड़द, मूंग, साठा धान की फसलें सूखने लगी हैं। नहरों में पानी न होने की वजह से किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैलानी के पास से निकली नहर करीब 40 किलोमीटर तक सिंचाई करती है। काश्तकार नहर के सहारे गर्मी में ज्यादा फसलें लगाते हैं लेकिन जब पानी नहीं आता है तो फसलों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। किसानों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं।