पिछले कई महीनों से आबादी क्षेत्र में घूम रहे गैंडे को लोकेट करने के लिए डब्ल्यूटीआई की टीम ने ग्रंट नंबर 12 के जंगल और शारदा नदी के किनारे ड्रोन कैमरा लगाया है, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी गैंडे की तस्वीरों को ड्रोन कैमरे में नहीं कैद किया जा सका। अब वन विभाग के अधिकारी गैंडे की लोकेशन जानने के लिए कैमरा ट्रैपिंग का सहारा लेने जा रहे हैं।
गैंडा पिछले चार महीने से आरएसपी रेंज के जंगल में घूम रहा है। दिन में गैंडा जंगल में छिपा रहता है और रात के समय वह जंगल से निकल कर खेतों में घूमता रहता है। मंगलवार की रात गैंडा फूलबेहड़ क्षेत्र के जंगपुर गांव में आ गया था। जहां सुबह ग्रामीणों ने खेतों में गैंडे के पैरों का निशान मिलने के बाद वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की सूचना पर डब्ल्यूटीआई के मयूर चटर्जी की अगुवाई में टीम ने अभियान चलाया और दो ड्रोन कैमरे उड़ाकर गैंडे की तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। डीएफओ अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि अब गैंडे को तलाशने के लिए कैमरा लगाया जाएगा। इसके लिए एसडीओ अरविंद मिश्रा की अगुवाई में 10 वनकर्मियों की टीम बनाई गई है।