पलियाकलां/ लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क में ग्रीष्मकालीन पक्षियों की गणना का इसी महीने के अंत तक रिजल्ट आ सकता है। माना जा रहा है कि इस बार कई नई प्रजातियों के पक्षियों का दीदार विशेषज्ञों की टीम ने किया है। वहीं शीतकालीन पक्षियों की गणना भी साल के शुरूआत में जनवरी माह में हुई थी। उसमें भी पक्षियों की चार नई प्रजातियां मिलीं थीं।
दुधवा नेशनल पार्क में लगभग 450 पक्षियों की प्रजातियां पाईं जाती है। इन पक्षियों की वांचिंग करने के लिए गणना का कार्य भी पार्क प्रशासन की तरफ से किया जाता है। जिसमें इनकी गणना के साथ ही बाहर से आए हुए विशेषज्ञ दूरबीन के माध्यम से इनका दीदार कर इनकी प्रजातियों के बारे में लिखते हैं। शीतकालीन में पक्षियों की गणना का कार्य 18 से 20 जनवरी तक की गई थी। जिसमें पक्षियों की चार नई प्रजातियां मिलीं थीं। इस गणना में मैरून ओरियोल, यूरेशियन स्पैरोहाक सहित चिड़ियों की चार प्रजातियां मिलीं थीं। इनमें से एक भी चिड़िया दुधवा नेशनल पार्क की डाटाबेस लिस्टेड में नहीं थीं। बताया गया था कि मैरून ओरियोल पहाड़ी चिड़िया है जिनके नाम के बारे में मिलान किया गया था। उधर इसके बाद सात से नौ जून 2019 को ग्रीष्मकालीन पक्षियों की गणना का कार्य पहली बार किया गया था। माना गया था कि बाहर से गर्मियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों की जानकारी मिलेगी। इस गणना का कार्य करने के लिए बाहर से कई विशेषज्ञ शामिल हुए जिन्होंने दूरबीन के माध्यम से चिड़ियों को वॉच कर उनकी प्रजाति के बारे में लिखा। बताया जा रहा है कि अगस्त माह के आखिरी में इस गणना का रिजल्ट आ जाएगा। जिससे ग्रीष्मकालीन में भी दुधवा में कितने प्रवासी पक्षी आते हैं उनके बारे में जानकारी मिल सकेगी।
ग्रीष्मकालीन में कई नई प्रजातियां देखने को थीं मिली
ग्रीष्मकालीन पक्षियों की गणना में इस बार रेड हेडेड वल्चर, ब्लैक क्रेस्टड बुलबुल, स्वैंप फ्रैंकोलिन सहित कई प्रजातियां दिखीं थी। जो यहां अधिकांशत: नहीं पाई जाती है। इसको लेकर विशेषज्ञ खासे रोमांचित थे तथा उन्होंने इसके बारे में भी विस्तार से जानकारियां दीं थीं।
पक्षियों की गणना का उद्देश्य
दुधवा नेशनल पार्क में पक्षियों की गणना का मुख्य उद्देश्य उनकी प्रजातियों के बारे में पता लगाने के साथ ही यह भी पता लगाना होता है कि पक्षियों की जो प्रजाजियां यहां पाई जाती हैं। उनकी ब्रीडिंग सही तरीके से हो रही है या नहीं। ब्रीडिंग होने से पक्षियों की तादाद यहां बढ़ेगी और इस गणना में यह भी तय किया जा रहा है।
सात से नौ जून को पक्षियों की गणना का कार्य किया गया था। जिसमें पक्षी विशेषज्ञ बाहर से आए थे। वह यहां से डाटा संकलन कर लेकर गए थे। इसी माह में पक्षियों की पूरी संख्या आने का अनुमान है उसपर विशेषज्ञ अपनी तरह से तेज कार्य कर रहे हैं।
- मनोज सोनकर
डिप्टी डायरेक्टर
दुधवा नेशनल पार्क