लखीमपुर खीरी। बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी रिपोर्ट में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं। हर दिन जांच कराने आने वाले कई मरीजों में यह कमी पाई जा रही है, इससे हड्डियों से जुड़ीं बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है।
जिला अस्पताल में प्रतिमाह करीब 300 से 400 मरीज कैल्शियम की जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, इनमें से अधिकांश में कमी पाई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का अधिक सेवन और पौष्टिक आहार की कमी इसकी मुख्य वजह है।
जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि कैल्शियम की कमी से न केवल हड्डियां कमजोर होती हैं, बल्कि मांसपेशियों में ऐंठन, दांतों की कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस, रिकेट्स (बच्चों में) और हाइपोकैल्सीमिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
चिकित्सकों ने बताया कि लोग अपने दैनिक आहार में दूध, दही, हरी सब्जियां और रागी जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। साथ ही सुबह की धूप में कुछ समय बिताना भी जरूरी है, जिससे शरीर में विटामिन-डी का स्तर बना रहे।
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कैल्शियम की कमी के प्रमुख लक्षण
- हड्डियों की कमजोरी और फ्रैक्चर का खतरा।
- मांसपेशियों में ऐंठन व दर्द।
- दांतों की कमजोरी और कैविटी।
- नाखून टूटना, नींद में परेशानी।
- पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज।