खेतों पर जाने से डर रहे किसान
गांव नरगड़ा के किसान कल्लू खां ने बताया कि तेंदुए के डर से किसान अपनी फसलों की रखवाली नहीं कर पा रहे हैं। बेसहारा गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब सात माह से क्षेत्र में तेंदुए की चहलकदमी बनी हुई है, लेकिन वन विभाग अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाया है।
काजीपुर के आसिफ ने कहा कि तेंदुआ गांव के आसपास कई पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। अब एक मासूम बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में और अधिक दहशत फैल गई है। महिलाएं और बच्चे घरों से निकलने से कतरा रहे हैं और खेती-किसानी के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
बेल्तुआ निवासी सुधीर मिश्र ने बताया कि तेंदुए के भय से किसान खेतों में काम करने नहीं जा पा रहे हैं। इससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। पशुओं के लिए चारा जुटाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इलाके में कॉम्बिंग कर रही टीम
दुधवा टाइगर रिजर्व के एसडीओ बफरजोन मनोज तिवारी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए संभावित क्षेत्रों में चार पिंजरे और कैमरे लगाए गए हैं। वह खुद टीम के साथ कॉम्बिंग कर रहे हैं। ड्रोन कैमरे से भी तलाश चल रही है। ग्रामीणों को तेंदुआ न पकड़े जाने तक सतर्क रहने को कहा गया है।