नदी के आसपास ग्रामीणों के साथ पेट्रोलियम करती वनकर्मियों की टीम
ममरी। ग्राम अयोध्यापुर निवासी 53 वर्षीय ग्रामीण नन्हेलाल पर बुधवार सुबह हमला करने वाले बाघ की लोकेशन का पता चौबीस घंटे के बाद भी नहीं लगा है। बाघ का पता लगाने के लिए वनकर्मियों की टीम नदी के आसपास पेट्रोलिंग कर रही हैं, लेकिन बड़ी-बड़ी झाड़ियां बाधा बनी हुई हैंं। उधर, जिला चिकित्सालय में भर्ती नन्हेलाल की हालत अब खतरे से बाहर बताई गई है।
रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम और डिप्टी रेंजर रामनरेश वर्मा के नेतृत्व में हमलावर बाघ की निगरानी में टीमें लगी हैं। वनकर्मियों की टीम कठिना नदी के आसपास बुधवार से पेट्रोलिंग कर रही हैं, लेकिन झाड़ी घनी होने की वजह से बाघ का पता नहीं चला है। गांव वालों का कहना है कि बाघ ने अपना ठिकाना झाड़ियों में बनाया है।
वनकर्मियों का कहना है कि झाड़ी के अंदर घुसने से जान खतरे में पड़ सकती है। बाघ को जंगल में खदेड़ने के लिए पटाखे दागे जा रहे हैं। ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जा रहा है। रेंजर ने बताया कि घायल को इलाज के लिए 2500 रुपये सहायता राशि दी गई है।