लखीमपुर खीरी। शहर में इन दिनों निघासन बस अड्डे की निजी बसें लोगों के लिए आफत बन गईं हैं। बीच सड़क पर बसों को रोककर सवारियां उतारने-चढ़ाने से जाम की एक बड़ी समस्या हो रही है।
राहगीर से लेकर आसपास के व्यापारी काफी परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कतें स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती हैं। स्कूल वाहन जाम में फंसने से बच्चे परेशान होते हैं, लेकिन बस चालकों पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ता। जिम्मेदारों की अनदेखी से व्यवस्थाएं बिगड़ती जा रहीं हैं।
शहर में भीड़भाड़ वाले एरिया में मेला मैदान चौराहा व गढ़ी रोड है। गढ़ी मार्ग काफी संकरा है। थोड़ी देर कोई वाहन रुक जाए तो जाम लग जाता है, लेकिन यहां पर निघासन बस अड्डे की निजी बसें तो बीच सड़क पर रोककर सवारियों को उतारने का काम करती हैं, इससे जाम की एक बड़ी समस्या हो गई है।
मेला मैदान चौराहे के पास में ही निघासन बस अड्डा हैं। यहां से रोजाना 30 से 35 निजी बसे निघासन, बेलरायां, तिकुनियां आती-जाती हैं। अड्डे से बस छूटने के बाद बस चालक बीच-बीच में बस को रोकर सवारियों को बिठाते हैं, इससे ज्यादा दिक्कतें तो नहीं होती, लेकिन वापसी करने पर यही बसें परेशानी खड़ी कर देते हैं। वापसी में यह बसें मेला मैदान चौराहे से गढ़ी रोड होते हुए भुईफोरवानाथ मंदिर तिराहा होते हुए वापस बस स्टैंड पर पहुंचती हैं। इस बीच चालक बीच सड़क पर बसों को रोककर सवारियां उतारने लगते हैं, इससे जाम लग जाता है। यह खेल आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा। अक्सर दुकानदार बसों को बीच सड़क पर रोकने का विरोध करते, लेकिन चालकों पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ता है। यातायात प्रभारी सचिन कुमार ने बताया िक अभियान चलाकर मामले में कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दिशा में नियमों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
मेला मैदान चौराहे के पास बीच सड़क पर बस रोककर सवारियों को चढाते-उतारते हुए।
मेला मैदान चौराहे के पास बीच सड़क पर बस रोककर सवारियों को चढाते-उतारते हुए।
मेला मैदान चौराहे के पास बीच सड़क पर बस रोककर सवारियों को चढाते-उतारते हुए।