पलियाकलां। दिल्ली से सवारियां भरकर बहराइच जा रही एक प्राइवेट बस निघासन रोड पर अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। बस में सवार करीब 50 यात्रियों में नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि अन्य कई यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। चीख पुकार के बाद भारी भीड़ जमा हो गई और किसी तरह से लोगों को बस से निकालकर अस्पताल भिजवाया। सुबह चार बजे हुए हादसे के कारण लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी ली।
दिल्ली से एक प्राइवेट बस यूपी 15 सीटी 7359 करीब 50 यात्रियों को लेकर बहराइच के लिए जा रही थी। बताया जाता है कि बस निघासन रोड पर बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के पिछले गेट के पास पहुंची थी कि अचानक अनियंत्रित होकर रोड किनारे खाई में जाकर पलट गई। सुबह चार बजे की घटना होने के कारण मार्निंग वॉक पर निकले लोगों ने चीख पुकार सुनीं तो आसपास के लोगों को एकत्र कर बस का अगला शीशा तोड़कर सवारियों को बाहर निकाला। घटना में नानपारा बहराइच निवासी 20 वर्षीय इसराफिल, 32 वर्षीय देवी प्रसाद, 20 वर्षीय सिराज, 18 वर्षीय पपली, 40 वर्षीय रामनरेश, 25 वर्षीय मकलूब, 19 वर्षीय जावेद, 20 वर्षीय दिलखुश तथा 27 वर्षीय जाहिद गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनको इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां से हालत गंभीर होने पर इसराफिल व देवी प्रसाद को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं बाकी लोगों का प्राथमिक उपचार कर छुट्टी कर दी गई। सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर विद्याशंकर शुक्ला भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और चालक से वार्ता की। चालक के अनुसार सामने से 16 टॉयरा ट्रक आ रहा था जिसे ओवरटेक करते समय दुर्घटना हो गई है। उधर बस में सवार यात्रियों के अनुसार कि चालक को अचानक झपकी आ गई थी, जिससे बस अनियंत्रित हुई और चालक उसे संभाल नहीं सका।
दिल्ली से कमाकर लौट रहे थे बस में सवार यात्री
बस में सवार एक यात्री ने बताया कि वह लोग दिल्ली में काम करके अपने परिवार को गुजारा करते हैं। दीपावली का त्यौहार नजदीक आ रहा है जिसको लेकर वह सभी अपने-अपने घरों को जा रहे थे। इसमें से कुछ लोग अपने काम से भी दिल्ली गए थे जो वापस आ रहे थे।
मात्र दो मीटर की दूरी पर रह गया था ट्रांसफार्मर
घटना के बाद बस जिस जगह खाई में पलटी थी वहां से मात्र दो मीटर की दूरी पर ही एक ट्रांसफार्मर रखा हुआ था। ट्रांसफार्मर से टेहरा के साथ ही इंद्रानगर व टेहरा शहरी में बिजली की पूर्ति की जाती है। अगर बस ट्रांसफार्मर से जाकर टकराई होती तो कोई भी गंभीर हादसा हो सकता था। ट्रांसफार्मर से टकराने के बाद बस से यात्रियों को भी निकाला नहीं जा सकता था क्योंकि बस का अगला शीशा तोड़कर ही यात्री बाहर आ सके थे।