क्या है पूरा मामला
राम लखन ने बताया कि उनके पिता बांकेलाल ने इस जमीन का 1974 में खातेदार संत बहादुर से बैनामा कराया था। तभी से उस जमीन पर वह खेती कर रहा था। बीते जनवरी में आरोपी महिपाल, आदर्श, रोमी, कौशल, शत्रोहन ने संत बहादुर को चाचा बता जनवरी में वरासत करवा ली।
किसान राम लखन के मुताबिक जब उसे जानकारी हुई तो एसडीएम न्यायालय में केस दायर किया। आरोपियों ने शनिवार रात खेत में ट्रैक्टर चला कर गन्ना की फसल जोत कर नष्ट कर दी, जिससे उसे करीब सात लाख का आर्थिक नुकसान हुआ है। वही दूसरे पक्ष के शत्रोहन, महिपाल आदि का कहना है कि यह नंबर गलत तरीके से राम लखन के पिता ने अपने नाम दर्ज करा लिया था।,जमीन पर काफी समय से काबिज थे कहने के बाद भी छोड़ नहीं रहे थे, अब जमीन उनके नाम है। इसलिए जोत डाला।
धौरहरा थाने के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सोनकर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, यदि फसल जोती गई है तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम धौरहरा शशिकांत मणि ने बताया कि लंबित मामले में फसल जोतना अपराध है। मुकदमा निस्तारण के बाद जिसके पक्ष में निर्णय होता। स्वयं राजस्व टीम कब्जा दिलाती। जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।