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Lakhimpur Kheri News: बजट खपाने की माथापच्ची, निर्माण कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

Wed, 25 Mar 2026 11:32 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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लखीमपुर खीरी। वित्तीय वर्ष समापन की ओर है। अधिकारी अपने-अपने विभागों में अब तक आए बजट का हिसाब देख रहे हैं कि कितना आया और कितना खर्च हुआ है। शेष बजट कहां खर्च करना है, इसके लिए माथापच्ची में जुटे हैं।
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कुछ विभागों ने तो शत-प्रतिशत बजट खर्च कर लिया, जबकि कुछ का दावा है कि वित्तीय वर्ष समापन से पहले वे खर्च कर लेंगे। कुछ में कई योजनाओं के आवेदन कम आने से बजट बच रहा है, जो वापस किया जाएगा।
गोला का उप निबंधन कार्यालय का नया भवन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अन्नपूर्णा भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, गोशाला, पुलिस लाइन में हॉस्टल, ऑफिसर्स कॉलोनी में ट्रांजिस्ट हॉस्टल, बेहजम में बरातघर, गोला रेलवे क्राॅसिंग का ओवरब्रिज, लखीमपुर डिपो का नया बस अड्डा, जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कई सड़कें हैं, जिनको समय पर बजट न मिलने से इस वित्तीय वर्ष में पूरे नहीं हो सके।
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इस वित्तीय वर्ष में स्वीकृति तो मिली, लेकिन बजट न मिलने से कार्य शुरू नहीं हो सके। इसमें संकटा देवी से लालपुर स्टेडियम रोड, श्रीकृष्णा टॉकिज रेलवे क्राॅसिंग ओवरब्रिज निर्माण, गोला बाइपास पर फ्लाइओवर और इसके अलावा जिले में अलग-अलग सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि जनवरी से ही कार्यों में तेजी लाई गई, ताकि काम भी समय पर हो जाए और बजट भी न बचे।

नहीं आए पर्याप्त आवेदन
-जिला समाज कल्याण विभाग में शादी अनुदान की योजना है। इसमें गरीब बेटियों की शादी पर 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। वर्ष 2025-26 में 1753 आवेदन आए, जिनको भुगतान किया गया। विभाग को इस वित्तीय वर्ष 4.34 करोड़ रुपये मिले, जिसमें 3.50 करोड़ ही खर्च हो चुके। सामूहिक विवाह के लिए 8.96 करोड़ का बजट मिला, जिसमें 8.45 करोड़ खर्च हुए। परिवारिक लाभ योजना के तहत 5.55 करोड़ का बजट आया था, जो पूरा खर्च हो चुका है। अत्याचार उत्पीड़न में 1.50 करोड़ रुपये में 1.41 करोड़ खर्च हुए। जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि जो बजट बचेगा, उसको वापस किया जाएगा।

पंचायत राज विभाग का 99 प्रतिशत खर्च होने का दावा
पंचायत राज विभाग की ओर से गांवों में विकास कार्यां के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आया है। विभाग का दावा है कि 98 प्रतिशत बजट कार्यों में खर्च किए जा चुका है। जो शेष बजट बचा है, उसको वित्तीय वर्ष पहले ही खर्च कर लिया जाएगा। इसके अलावा अन्य मदों के बजट भी लगभग खर्च हो चुके हैं। वहीं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में पुष्टाहार वितरण सहित अन्य कार्यों के लिए करीब 120 करोड़ का बजट आया, जिसमें अब तक 110 करोड़ खर्च हो चुका है। वहीं विधायक निधि में 45 करोड़ व सांसद निधि में 9.80 करोड़ का बजट मिला है, जिसमें अधिकांश खर्च हो चुका है। हालांकि इसका बजट वापस नहीं होता। जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव के साथ कार्य कराए जाते हैं।
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