बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में बजट न आने की वजह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय, विभाग के करीब सौ कर्मचारियों का नवंबर और दिसंबर महीने का वेतन लटक गया है। मानदेय और वेतन के लिए विभाग ने कई बार बजट उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल पाया है। इधर दो महीने से बजट न मिलने के कारण कार्यकत्रियों ने अधिकारियों से मिलकर जल्द मानदेय दिलाने की मांग की है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में 3503 कार्यकत्रियां नियुक्त हैं, जिन्हें एक महीने में 3200 रुपये मानदेय मिलता है। इसी तरह जिले में 2800 सहायक कार्यकत्रियां हैं। उन्हें विभाग की ओर से 1600 रुपये दिया जाता है। जबकि ब्लाकों पर तैनात विभाग के करीब 100 कर्मचारी भी ऐसे हैं, जिन्हें नवंबर और दिसंबर का वेतन नहीं मिला है।
विकास भवन स्थित विभाग के मुख्यालय दफ्तर में तैनात सिर्फ पांच कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें वेतन मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक प्रस्ताव भेजकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय और कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट मांगा गया है, लेकिन जनवरी माह में ही बजट जारी करने का आश्वासन मिला है, लेकिन बजट नहीं जारी किया गया है। इससे कार्यकत्रियों और कर्मचारियों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। कार्यकत्रियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों से दो महीने का मानदेय जल्द दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे का कहना है कि प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है।