एसडीएम ने लिया जायजा, कई गांवों का खेतीहर इलाका डूबा
बुद्धापुरवा गांव केे पास सुहेली नदी का तटबंध कट गया है। इससे कई गांवों का फसली इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया है तो वहीं कई गांव घिर गए हैं। बता दें कि इस समय यहां सुहेली नकउहा नाले से होकर आ रही है और पानी का फोर्स अधिक होने के कारण गांव के बाहर नदी का एक किनारा कट गया और उससे नदी का पानी लोहरा विरान, बसंतापुर, मलिनियां आदि करीब आधा दर्जन गांवों के फसली इलाके में भर गया। सूचना मिलने पर एसडीएम शादाब असलम वहां पहुंचे और नाव से जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि तटबंध कट गया है जो पानी कम होने पर ही सही किया जा सकता है। रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। इधर बिलहिया, देवीपुर, अतरनगर, घोला, गजरौरा, बंशीनगर, चंबरबोझ आदि गांवों का फसली इलाका भी बुरी तरह से सुहेली नदी की बाढ़ की चपेट में है और कई कई फिट पानी खेतों में भरा हुआ है। इससे पशुओं के चारे की किल्लत हो गई है और फसलों के खराब होने की संभावनाएं भी बढ़ गईं हैं।
नयापुरवा और लियाकतपुरवा गांव में कटान भी तेज
मझगईं। नयापुरवा, लियाकत पुरवा गांव शारदा नदी की बाढ़ का दंश झेल रहे हैं और साथ ही साथ नदी ने कटान भी तेज कर दिया है। निचले हिस्सों में पानी ज्यादा होने के कारण गांव के लोग छतों और छप्पर पर शरण लेने को मजबूर हैं। जबकि लेखपाल का कहना है कि वहां बाढ़ का पानी ही नहीं है। जब पानी था तब लंच पैकेट बंटवाए थे। शुक्रवार रात से उफनाई शारदा से गांव के हर घर में पानी भर गया था। जिससे लोग छप्परों और छतों पर बैठकर समय काट रहे हैं। गांव में और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। रास्तों पर भी पानी होने से कहीं आ जा भी नहीं सकते हैं। परेशान ग्रामीणों ने बताया कि वह दाने-दाने को तरस हैं, लेकिन प्रशासन और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने ही गांव की खबर ली है। लेखपाल शशि तोमर ने बताया कि जब बाढ़ आई थी तब लंच पैकेट बंटवाए थे, मगर अब वहां पानी ही नहीं है।