ग्रामीणों ने लगाया वनविभाग पर अनदेखी का आरोप
दुधवा टाइगर रिजर्व से आया गैंडा अभी तक बसहा भूड़, बड़ागांव और मेंहदी गांवों के आसपास ही मौजूूद है। ग्रामीणों के मुताबिक यह गैंडा इलाके में दर्जनों खेतों की फसल बर्बाद कर चुका है। गैंडे ने अभी तक किसी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन लोगों में उसका डर इस कदर है कि लोग खेतों में जाने से बच रहे हैं। उधर ग्रामीणों ने वन विभाग पर इस समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं।
बसहा भूड़ निवासी अजय सिंह ने बताया कि बीती शाम गांव के ही विनोद यादव, सतनाम सिंह और जगदीश गौतम ने खेतों में गैंडे को देखा था। उनका कहना है कि यह गैंडा दो माह बाद फिर लौट कर आया है। दो माह पहले यह गैंडा कई दिन इस इलाके में रहा था। इसके बाद शारदा नदी पार कर निघासन रेंज में चला गया था। वनाधिकारियों ने संभावना जताई थी कि गैंडा जंगल में वापस चला गया है। इसके तीन-चार दिन से गैंडा फिर से दिखने से ग्रामीण दहशत में हैं।
दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगि का कहना है कि यह गैंडा नेपाल से कतर्निया घाट होते हुए इस क्षेत्र में आया था। गैंडा अपने आप जंगल में वापस चला जाएगा। गैंडे की बराबर मानीटरिंग कराई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर बसहा भूड़ पहुंचे डीएफओ साउथ संजय विस्वाल ने बताया कि गैंडा उन्हें बताए गए क्षेत्र में नहीं दिखा है। इसके बावजूद वनकर्मियों को गैंडे की निगरानी में लगाया गया है।