डीएम ने मौजूद दोनों कर्मचारी को लगाई फटकार
एक का तबादला और दूसरे को निलंबित करने के दिए निर्देश
प्रसूता के लिए ब्लड बैंक में ब्लड लेने पहुंचे घरवालों का मौजूद कर्मचारियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। सूचना पर डीएम आकाशदीप भी मौके पर पहुंच गए। मामला समझने के बाद उन्होंने लैब टेक्नीशियनों को फटकार लगाई और सीएमओ को एक का तबादला और दूसरे को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मोहम्मदी के गांव गुरैला निवासी साजिद ने बताया कि गर्भवती पत्नी हुस्नजहां को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने भर्ती नहीं किया। इस पर हुस्नजहां को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। साजिद ने बताया कि रविवार को प्रसव बाद डॉक्टरों ने खून चढ़ाने के ब्लड लाने को कहा। इस पर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचने पर कर्मचारी खून देने के नाम पर हीलाहवाली करने लगे। साजिद ने बताया सूचना देने पर रिश्तेदार असलम ने व्यापार संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला को पूरा वाकया बताया, लेकिन उनसे भी कर्मचारियों ने सीधे मुंह बात नहीं की। साजिद ने बताया कि अनिल शुक्ला ने मामले की जानकारी डीएम को दी। इस पर डीएम साहब भी ब्लड बैंक पहुंच गए और लैब टेक्नीशियन इंद्रजीत सिंह व रवि श्रीवास्तव को फटकार लगाते हुए ब्लड दिलाया। साथ ही सीएमओ को इंद्रजीत का तबादला करने और रवि श्रीवास्तव को निलंबित करने के निर्देश दिए।
यह है नियम
- सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को ब्लड लेेने के लिए बदले में ब्लड और चार सौ रुपये की फीस भरनी होती है, लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए फीस माफ है। वहीं निजी अस्पताल के मरीजों को भी ब्लड के बदले ब्लड और 1050 रुपये की फीस देनी होती है। ब्लड बैंक के लोगों का कहना है कि फीस व ब्लड लिए बगैर किसी को ब्लड देने का अधिकार केवल सीएमएस एवं जिला प्रभारी रक्तकोष को ही है।
रविवार को ब्लडबैंक में ब्लड को लेकर घरवालों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई थी। इस पर डीएम साहब भी आए थे। पीड़ित को नि:शुल्क ब्लड दे दिया गया।
डॉ.मनोज कुमार सीएमएस
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