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Lakhimpur Kheri News: अंधे मोड़ों ने एक सप्ताह में लीं 12 जान, फिर भी नहीं लगे संकेतक

Sun, 08 Mar 2026 11:54 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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बरबर क्षेत्र के मोहम्मदी मार्ग पर अंधा मोड़। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले की सड़कें इन दिनों बेगुनाहों के खून से लाल हो रही हैं। प्रशासनिक अनदेखी और सड़कों के दोषपूर्ण इंजीनियरिंग का आलम यह है कि बीते महज एक सप्ताह के भीतर सड़क हादसों में 12 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि दर्जनों घायल अस्पतालों में भर्ती हैं।
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हादसों की सबसे बड़ी वजह तीखे अंधे मोड़ और वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार बन रही है। विडंबना यह है कि इन खतरनाक मोड़ों पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही रफ्तार थामने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
शनिवार को शहर से कुछ दूरी पर खखरा चौराहे के पास सीएनजी से भरा ट्रक पलट गया। हालांकि इस दौरान बड़ा हादसा बच गया। मैगलगंज क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से सोनू (28) की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी घायल हो गए। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हुए हादसों में सात लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। एक मार्च को हुए हादसे में पूर्व सैनिक संजय शर्मा की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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लोक निर्माण विभाग के अनुसार, जिले में 17 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, लेकिन इनमें से कई जगहों पर अब तक पर्याप्त चेतावनी संकेतक या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में हर दिन वाहन चालक जोखिम उठाकर इन रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं।
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अंधे मोड़ और गड्ढों से पलटते ई-रिक्शा

बरबर। मोहम्मदी मार्ग पर विराट ऑटो पार्ट्स के पास खतरनाक अंधा मोड़ है। सड़क के दोनों ओर गड्ढे होने के कारण ई-रिक्शा आए दिन पलट जाते हैं। करीब एक किलोमीटर तक यह मार्ग सिंगल है, जबकि आगे बरबर बस स्टॉप और पुलिस चौकी के पास सड़क चौड़ी हो जाती है। संवाद

नहर के पास खतरनाक जगह

उचौलिया। शाहजहांपुर-मोहम्मदी रोड पर महमदपुर ताजपुर-उचौलिया मार्ग पर गांव किरियारा के पास शारदा नहर के निकट खतरनाक मोड़ है। यहां कोई संकेतक या रिफ्लेक्टर नहीं लगा है, जिससे रात में वाहन नहर में गिरने का खतरा बना रहता है। संवाद

तीन अंधे मोड़ों से बढ़ा दुर्घटना का खतरा

निघासन। सिंगाही रोड पर आयोध्यापुरवा, धारीवाल शोबती सल्फर और तकियापुरवा के पास तीन अंधे मोड़ हैं। इन स्थानों पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। लोक निर्माण विभाग की ओर से यहां चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। संवाद
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हाईवे पर छिपा अंधा मोड़

केशवापुर। कस्बे में नेशनल हाईवे से सिसवां कला मार्ग की ओर जाने वाला मोड़ अंधा है। इसके कारण सामने से आने वाले वाहनों की जानकारी नहीं हो पाती। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। संवाद

कई मोड़ों पर खतरा

पलियाकलां। पलिया-संपूर्णानगर मार्ग पर त्रिकोलिया मोड़ और एसएसबी कैंप से पहले गदनिया के पास खतरनाक मोड़ हैं। यहां दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। मोड़ पर छोटे खंभे लगाए गए हैं, लेकिन उनकी ऊंचाई कम होने के कारण वे प्रभावी नहीं हैं। संवाद
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संकेतक न होने से हादसे

बिजुआ। लखीमपुर-पलिया हाईवे पर नब्बूपुरवा के पास अंधा मोड़ है। आठ फरवरी को यहां हुए हादसे में गया प्रसाद और अक्षयलाल की मौत हो गई थी। एक साल में यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए। संवाद

बरबर क्षेत्र के मोहम्मदी मार्ग पर अंधा मोड़। संवाद

बरबर क्षेत्र के मोहम्मदी मार्ग पर अंधा मोड़। संवाद

बरबर क्षेत्र के मोहम्मदी मार्ग पर अंधा मोड़। संवाद

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