बांकेगंज की नगरिया झील में कलरव करते प्रवासी परिंदे।
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। देश के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व समेत जिले के सभी वेटलैंड पर खास निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज की नगरिया झील पहुंचकर जायजा लिया। हालांकि उन्होंने बर्ड फ्लू के प्रभाव को खारिज किया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल, दुधवा के बांकेताल, भादीताल, ककरहा, चुरैला, लौदरिया समेत बफरजोन के मैलानी रेंज की महुरेना बीट स्थित नगरिया झील में पूरे साल स्थानीय परिंदों का बसेरा रहता है। सर्दियों के मौसम में ठंडे देशों चीन, जापान, मलेशिया, लद्दाख, साइबेरिया, मणिपुर आदि से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे प्रवासी पक्षी यहां आते हैं। राजस्थान समेत कई राज्यों में में बर्ड फ्लू की दस्तक होने के बाद वन विभाग इन जलाशयों के पक्षियों की सुुरक्षा को लेकर खासा सतर्क हुआ है। वन विभाग की टीमें लगातार स्थानीय और प्रवासी परिंदों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक संजय पाठक ने टीमों को निर्देश दिया है कि यदि किसी पक्षी की गतिविधियां असामान्य दिखाई दें या किसी पक्षी की मौत हो जाए तो इसके बारे में तत्काल संबंधित वनाधिकारियों को सूचित किया जाए। साथ ही प्रभावित पक्षी को अन्य पक्षियों से तुरंत अलग कर दिया जाए, ताकि दूसरे पक्षी संक्रमित न हो सकें।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बर्ड फ्लू की आशंकाओं के चलते बुधवार को बांकेगंज कस्बा से सटी नगरिया झील का भ्रमण किया। उन्होंने वहां काफी देर रुककर पक्षियों की गतिविधियों का अध्ययन भी किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल नगरिया समेत जिले में बर्ड फ्लू के प्रभाव के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं, बावजूद इसके लगातार सतर्कता बरती जा रही है। यदि किसी पक्षी की मौत होती है तो उसकी जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जाएगा। संवाद