एक दुकान पर बिकने के लिए रखे लोकल हेलमेट। संवाद
लखीमपुर खीरी/मैगलगंज। बाइक चलाते समय हेलमेट कितना जरूरी है, ये सभी जानते हैं। इसके बाद भी लोग सस्ते हेलमेट खरीदकर खुद को धोखा दे रहे हैं। फुटपाथ पर बिक रहे इन हेलमेटों की मांग ज्यादा है, जबकि आईएसआई मार्का ही हेलमेट मान्य हैं।
सस्ते हेलमेट बनाने में अक्सर कम गुणवत्ता वाले प्लास्टिक या फाइबर का उपयोग किया जाता है, जो दुर्घटना के समय सिर को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाते। इन्हें सुरक्षा प्रमाणपत्रों के बिना बेचा जाता है।
बाजार में आईएसआई मार्का के हेलमेटों की कीमत 850 से 1300 तक है, जबकि लोकल हेलमेट 200 से 350 तक फुटपाथ पर मिल जाते हैं। बजट में काफी अंतर होने के चलते बाजार में सबसे ज्यादा इनकी ही मांग है।
एक दुकानदार ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि आईएसआई मार्क के हेलमेट कभी-कभी बिकते हैं। लोकल हेलमेट चालान कटने से तो बचा सकता है, लेकिन सुरक्षा नहीं दे सकता। यातायात विभाग ने बताया कि हेलमेट न लगाने और लोकल लगाने पर कार्रवाई भी बराबर है। दोनों पर एक हजार रुपये का चालान है।