बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर जिले में मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई है। भाजपा ने पार्टी की हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है लेकिन जनता के निर्णय का स्वागत किया है। कांग्रेस, सपा और बसपा ने कहा कि बिहार की जनता ने सांप्रदायिक ताकतों को सबक सिखाया है। कहा कि भाजपा की पराजय अहंकार और राजनीतिक ध्रवीकरण के प्रयासों का परिणाम है।
जनता के निर्णय का स्वागत
भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कहा कि हम बिहार की जनता के निर्णय का स्वागत करते हैं। भाजपा ने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था। किन कारणों से पार्टी की हार हुई इसके कारणों पर पार्टी नेतृत्व मंथन करेगी।
असफल हुआ समाज बांटने का प्रयास
बसपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा कि समाज बांटने का बीजेपी का प्रयास बिहार की जनता ने असफल कर दिया है। बीजेपी को बिहार की जनता ने नकार दिया है। अब यूपी में बसपा सबक सिखाएगी।
बड़बोलेपन में हारी भाजपा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने भाजपा के एजेंडे को राजनीति के ध्रुवीकरण का प्रयास माना, इनका बड़बोलापन भी बिहार की जनता को रास नहीं आया यही भाजपा की हार का कारण रहा।
सेक्युलर ताकतों ने रोका
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने बताया कि बिहार में सेक्युलर ताकतों ने मोदी का रथ रोका है। इससे पहले लालू ने बिहार में अडवाणी का रथ रोका था। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी इन्हें रोकेगी।